राहुल गांधी करेंगे शोक व्यक्त
haryana ips puran kumar suicide: हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ बढ़ते दबाव के बीच, उनके परिवार और समर्थकों ने न्याय की मांग तेज कर दी है। घटना के सात दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में देरी और प्रशासन की निष्क्रियता ने मामले को और जटिल बना दिया है।

haryana ips puran kumar suicide: आत्महत्या का रहस्य और आरोप
7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर वाई. पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत कई अन्य अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। सुसाइड नोट में यह भी साफ तौर पर कहा गया कि ये अधिकारी उन्हें लगातार दबाव में रखे हुए थे।
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पूरन कुमार की पत्नी, IAS अफसर अमनीत पी. कुमार, इस समय इस मामले की मुख्य मुखर आवाज़ बन चुकी हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और सरकार से न्याय की उम्मीद जताई है। अमनीत का आरोप है कि उनके पति को जातिगत भेदभाव का शिकार बनाया गया और उनके खिलाफ झूठे मामले दायर किए गए। उन्होंने कहा कि उनके पति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया, और इसकी जिम्मेदारी इन उच्च अधिकारियों पर है।
haryana ips puran kumar suicide: राजनीतिक हलचल और संघर्ष
पूरन कुमार की आत्महत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी इस मामले को लेकर पूरी तरह से सक्रिय हैं। वह जल्द ही अमनीत कुमार के घर शोक व्यक्त करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस मुद्दे पर सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
पूरन कुमार के परिवार और अनुसूचित समाज की तरफ से बनाई गई 31 सदस्यीय कमेटी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें कहा गया था कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। यह अल्टीमेटम आज समाप्त हो रहा है, और अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।
पोस्टमॉर्टम में देरी और प्रशासन का रवैया
इतनी बड़ी घटना के बावजूद, पोस्टमॉर्टम में सात दिन की देरी ने सभी को हैरान कर दिया है। इस देरी के कारण लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले प्रधानमंत्री के सोनीपत दौरे को रद्द किया, फिर दिल्ली का भी अपना दौरा कैंसिल कर दिया।
इस बीच, केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले भी अमनीत कुमार से मिलने पहुंचे और मुख्यमंत्री से 40 मिनट तक बैठक की। बैठक के बाद, अठावले ने यह आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बिना कोई भी आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
haryana ips puran kumar suicide: न्याय की उम्मीद और भविष्य
यह पूरी घटना न केवल एक व्यक्ति की आत्महत्या की दुखद कहानी है, बल्कि यह एक बड़ा सवाल भी उठाती है कि क्या हम एक सशक्त और निष्पक्ष प्रशासन के जरिए उन लोगों को न्याय दिला सकते हैं जिन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाज की सेवा में बिताया है?
अमनीत कुमार की यह लड़ाई केवल उनके निजी दर्द का सवाल नहीं, बल्कि समाज के उन वर्गों का भी है जिन्हें अक्सर शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। समय बताएगा कि क्या सरकार और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे, और क्या वाई. पूरन कुमार के परिवार को न्याय मिलेगा या नहीं।
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