
1.94 करोड़ की संपत्ति कुर्क
सवायजपुर तहसील प्रशासन ने शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को अनुपम दुबे के भाई अमित दुबे के नाम पर दर्ज 2820 वर्ग मीटर भूमि को कुर्क किया। इस भूमि की कीमत सर्किल रेट के हिसाब से 33.27 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि कुल संपत्ति का मूल्य 1.94 करोड़ रुपये बताया गया है। यह भूमि पहले कृषि योग्य थी, लेकिन अब यह भूखंड के रूप में दर्ज है। कुर्की की कार्रवाई प्रभारी तहसीलदार देशराज भारती की देखरेख में पूरी हुई, जिसमें राजस्व कर्मियों और पुलिस बल की मौजूदगी रही। स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर राहत की भावना देखी गई, क्योंकि अनुपम दुबे का आपराधिक इतिहास क्षेत्र में दहशत का कारण रहा है।
Mafia Anupam Property Seized: जेल में बंद आरोपी
अनुपम दुबे फर्रुखाबाद का कुख्यात माफिया है, जिसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी और धोखाधड़ी सहित 63 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह 27 साल पुराने इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में दोषी पाया गया और वर्तमान में मथुरा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके अलावा, अनुपम ने 2017 में बसपा के टिकट पर हरदोई की सवायजपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे तीसरे स्थान पर रहकर हार का सामना करना पड़ा। उसके खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
फर्रुखाबाद प्रशासन ने अनुपम दुबे और उसके परिजनों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। अब तक अनुपम और उसके परिवार की 113 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और कृषि भूमि शामिल हैं। फर्रुखाबाद के पॉश इलाके में स्थित उसका आलीशान होटल गुरुशरणम पैलेस भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था, जो तालाब की जमीन पर बना था। अनुपम के भाइयों, अमित दुबे और अनुराग दुबे, सहित अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
Mafia Anupam Property Seized: प्रशासन की सख्ती
जिलाधिकारी फर्रुखाबाद के आदेश पर हरदोई, मैनपुरी और फर्रुखाबाद में अनुपम दुबे की कुल 9.83 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अनुपम के भाई अमित दुबे, जो पूर्व ब्लॉक प्रमुख हैं, के खिलाफ भी धोखाधड़ी और ठेकेदार को धमकी देने के मामले में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य सहयोगियों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है, और जल्द ही और कार्रवाइयां हो सकती हैं।
