Hair Smoothing Precautions: आजकल बालों को स्टाइलिश और मैनेज करने योग्य बनाने के लिए हेयर स्मूदनिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। स्मूदनिंग कराने से बाल सिल्की और स्ट्रेट दिखते हैं, लेकिन इसके साथ कई सावधानियां भी जरूरी हैं। अगर आप स्मूदनिंग कराने का सोच रहे हैं या हाल ही में कराई है, तो इन बातों का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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स्मूदनिंग से पहले क्या ध्यान रखें…
- हेयर क्वालिटी की जांच कराएं: हर किसी के बाल स्मूदनिंग के लिए उपयुक्त नहीं होते। अगर आपके बाल बहुत ज्यादा डैमेज या टूटने वाले हैं तो यह ट्रीटमेंट नुकसान कर सकता है।
- एक्सपर्ट से सलाह लें: हमेशा किसी प्रोफेशनल हेयर स्टाइलिस्ट से पूछें कि आपके बालों के लिए यह सही है या नहीं।
- प्री-ट्रीटमेंट केयर: स्मूदनिंग से पहले बालों पर डीप कंडीशनिंग कराएं ताकि बाल ट्रीटमेंट को आसानी से झेल सकें।
स्मूदनिंग के तुरंत बाद क्या करें…
- 3 दिन तक बाल न धोएं: ट्रीटमेंट के बाद कम से कम 72 घंटे तक बालों को पानी से न धोएं।
- हेयर बैंड या क्लिप का इस्तेमाल न करें: इससे बालों में निशान पड़ सकते हैं और स्ट्रेट लुक खराब हो सकता है।
- सीधे रखें बाल: इस दौरान बालों को मोड़कर या पीछे बांधकर न रखें, वरना उनका शेप बिगड़ सकता है।
सही शैम्पू और कंडीशनर का चुनाव…
- सल्फेट-फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करें: सामान्य शैम्पू स्मूदनिंग के इफेक्ट को जल्दी खराब कर सकते हैं।
- डीप कंडीशनिंग करें: हर बार शैम्पू के बाद बालों को अच्छी तरह कंडीशन करें ताकि उनकी नमी बनी रहे।
- सप्ताह में एक बार हेयर मास्क: हेयर मास्क लगाने से बालों को जरूरी पोषण मिलेगा और डैमेज कम होगा।
हीट स्टाइलिंग से बचें..
- हीट प्रोडक्ट्स का कम इस्तेमाल करें: बार-बार स्ट्रेटनर, कर्लर या ब्लो ड्रायर इस्तेमाल करने से बाल फिर से डैमेज हो सकते हैं।
- अगर जरूरी हो तो हीट प्रोटेक्टेंट लगाएं: स्टाइलिंग से पहले हमेशा हीट प्रोटेक्टेंट सीरम या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल…
- प्रोटीन और विटामिन से भरपूर डाइट लें: अंडा, दूध, दालें और हरी सब्जियां बालों को मजबूत बनाती हैं।
- हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त पानी पीने से बालों में नेचुरल शाइन बनी रहती है।
- तनाव से बचें: तनाव का असर सीधे बालों पर पड़ता है, इसलिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
नियमित टच-अप कराएं…
स्मूदनिंग का असर 6 से 8 महीने तक रहता है। इसके बाद बालों की नेचुरल ग्रोथ के साथ दोबारा टच-अप कराने की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन टच-अप तभी कराएं जब बालों की कंडीशन अच्छी हो।
किन्हें स्मूदनिंग से बचना चाहिए
- गर्भवती महिलाओं को स्मूदनिंग नहीं करानी चाहिए क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- बहुत ज्यादा डैमेज्ड या झड़ते हुए बालों पर यह ट्रीटमेंट करवाना सही नहीं है।
- अगर आपकी स्कैल्प पर कोई एलर्जी या इंफेक्शन है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।
