Gutkeshwar Mahadev Temple: भारत देश में हजारों शिव मंदिर है, सबकी अपनी एक मान्यता है। हर मंदिर के पीछे कोई न कोई इतिहास या कथा है, ऐसे ही मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के पास गुरडिया गांव में भगवान भोलेनाथ का ऐसा मंदिर है, जिनके चार द्वार है, और वहां शिवलिंग काफी गहराई में विराजमान हैं। यह मंदिर गुटेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर की अपनी खसियत है, यह धार्मिक आस्था के साथ प्रकृतिक सुंदरता को भी दर्शाता है।
Gutkeshwar Mahadev Temple: शिवलिंग और मंदिर नदी में डूबे
कहते है, यहां12 फीट ऊंचे शिवलिंग विराजमान थे। लेकिन सालो पहले यह मंदिर और शिवलिंग पानी में डूब गया था, जिसके बाद 18वीं शताब्दी में 1784 में देवी अहिल्या बाई ने इस मंदिर का जीर्णोउद्धार करवाया। कहा जाता है वो भगवान भोलेनाथ की अनन्या भक्त थी।

Gutkeshwar Mahadev Temple: इस जगह पर ही गरुड़ देव ने की थी तपस्या
यह वही स्थान है जहां गरुड़ देव ने भगवान भोलेनाथ की तपस्या की थी, उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भागवान भोलेनाथ ने दर्शन दिए और इस स्थान पर शिवलिंग के रुप में यही रह गए। इस मंदिर में गरुण देव की छोटी सी प्रतिमा तापस्या करते विराजमान है। इस वजह से इस मंदिर का नाम गुटकेश्वर महादेव पड़ा यह स्थान गरुड़ तीर्थ के नाम से भी प्रसिद्ध है।
मंदिर में हैं चार द्वार
गर्मियों और बरसात के मौसम में यहां पानी भर जाता है और प्रकृतिक रुप से वहां नंदी के मुख से शिवलिंग पर पानी गिरता है। वहीं एक जगह शिवलिंग विराजमान है, जो कुंड के बीचो बीच बसे मंदिर में है, इसके 4 दरवाजे हैं।

एक मंदिर में भगवान शिव के पीछे नंदी महाराज का मुख दिखाई दे रहा है, उसी मुख से पानी गिरता है। कहते है इस मंदिर में 5 कुंड है, जिसमें से दो कुंड में भक्त स्नान करते है। इतना ही नहीं इन्हीं कुंड से वहां रह रहें निवासियो की प्यास बुझाती है।
नाग – नागिनों का जोड़ा इस मंदिर में करते है निवास
इस मंदिर में एक नाग – नागिन का जोड़ा निवास करता है। कहते हैं. जिस भक्त से भगवान प्रसन्न होते है, जिनको भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है उन्हें नाग – नागिन का जोड़ा दिखाई देता है। कभी यह जोड़ा कुंड में तो कभी शिवालय में दर्शन देते है।

मान्यता है, जो भक्त यहां मनोकामना मानते हैं, अगर उन्हें नाग – नागिन का जोड़ा दिखता है, उसकी मनोकामना जरुर पूरी होती हैं।
मेले का होता है आयोजन
सावन के समय और शिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बताया जाता है, शिवरात्रि के समय यहां मेल लगता है। दूर – दूर से भक्त यहां भगवान के दर्शन करने आते हैं।
