Gujarat Cabinet Reshuffle: गुजरात में गुरुवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। राज्य की सर्वाधिकार वाली कैबिनेट में शामिल सभी 16 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल कुछ ही देर में राज्यपाल को मंत्रियों का इस्तीफा सौंपेंगे।
गांधीनगर में कल सुबह 11.30 बजे नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित रहेंगे।

नई कैबिनेट में हो सकता है बड़ा फेरबदल
सूत्रों के अनुसार, नई कैबिनेट में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में नए चेहरों को अवसर देने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है कि कांग्रेस से भाजपा में आए विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। यह कदम राजनीतिक संतुलन और पार्टी की व्यापक पकड़ सुनिश्चित करने के लिए लिया जा रहा है।
कैबिनेट में कुल 17 मंत्री शामिल
गुजरात की मौजूदा कैबिनेट में कुल 16 मंत्री शामिल थे, जिनमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हैं।
- 8 कैबिनेट मंत्री
- 8 राज्य मंत्री
गुजरात विधानसभा में कुल 182 विधायक हैं। इसके आधार पर गुजरात सरकार में सीएम समेत कुल 27 मंत्री हो सकते हैं।
Gujarat Cabinet Reshuffle: मंत्रियों को दी जा रही सूचना
जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना है, उन्हें पहले ही फोन कॉल करके सूचना दे दी गई है। यह संकेत है कि पार्टी ने मंत्रियों के चयन को लेकर पूरी रणनीति और संतुलन बना लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नए मंत्रियों को विभाग भी आवंटित किए जाएंगे। इससे स्पष्ट होता है कि नई सरकार राजनीतिक संतुलन, अनुभव और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।

केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति इसे एक राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व का अवसर बनाती है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह आज रात गुजरात पहुंचेंगे।
कांग्रेस से आए नेताओं को मिल सकता है मंत्रीपद
Gujarat Cabinet Reshuffle: भाजपा में शामिल होने वाले कांग्रेस के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। यह कदम पार्टी के विस्तार और नई राजनीतिक जिम्मेदारियों के संतुलन को सुनिश्चित करता है।
नए मंत्रियों के चयन में अनुभव, जनाधार और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे यह साफ होता है कि गुजरात में आगामी चुनावों और सरकार के कामकाज को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
