Congress Issues Charge Sheet Against NDA: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस विवाद के बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने चुनावी एजेंडे को सामने रखा। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार को 20 महीने में सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह ऐलान युवाओं और बेरोजगार मतदाताओं को सीधे प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया है।

महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर विवाद
महागठबंधन के अंदर सीट वितरण को लेकर सियासी दलों में मतभेद दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस और अन्य घटक दल अभी भी यह तय नहीं कर पाए हैं कि कौन से क्षेत्र में किस दल को कितनी सीट मिलेगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने “20 साल-विनाश काल” के नाम से एनडीए सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है।
अधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं में शामिल हुए। जयराम रमेश, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अधीर रंजन चौधरी और अन्य। आरोप पत्र में पिछले 20 साल में एनडीए सरकार पर लगाए गए आरोपों और उनके विफलताओं को विस्तार से लिखा गया है।
जयराम रमेश ने कहा कि
यह 42 पन्नों की चार्जशीट बिहार की जनता को दिखाती है कि किस तरह सरकार ने विकास और रोजगार के मुद्दों पर विफलता दिखाई। बिहार की जनता 20 साल के जुमलों से मुक्ति चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि चार्जशीट जारी होने के बाद महागठबंधन का घोषणा पत्र भी जल्द ही जनता के सामने आएगा।
Congress Issues Charge Sheet Against NDA: तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री फेस
राजद ने अपने मुख्यमंत्री फेस के रूप में तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाने का स्पष्ट संकेत दिया है। तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी प्राथमिकता युवाओं को रोजगार और परिवारों को सशक्त बनाने पर है।
हालांकि, कांग्रेस में इस मसले पर दो राय देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पटना में कहा कि महागठबंधन में मुख्यमंत्री का फैसला हाई कमान लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी अपनी तरफ से मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहे हैं, लेकिन गठबंधन में सभी दल मिलकर अंतिम निर्णय करेंगे।
वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव महागठबंधन के सीएम फेस हैं और इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।
डिप्टी सीएम पद पर विवाद
महागठबंधन के अंदर डिप्टी सीएम पद को लेकर भी सियासी बहस चल रही है। बिहार के उद्योगपति और नेता मुकेश सहनी ने डिप्टी सीएम बनने की लगातार मांग रखी है। पिछले तीन महीनों में वह 27 बार डिप्टी सीएम पद की दावेदारी कर चुके हैं।

कांग्रेस और CPI(M) ने सहनी की इस मांग को खारिज कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन डिप्टी सीएम पद पर फैसला गठबंधन में होगा। CPI(M) के विधायक अजय कुमार ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री फेस तय होगा, उसके बाद डिप्टी सीएम पर चर्चा होगी।
‘यह मौका बदलाव का’
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि बिहार में हर क्षेत्र में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा, “यह मौका बदलाव का है और पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि इस बार बिहार में बदलाव होगा।”

गहलोत ने जोर देकर कहा कि महागठबंधन की प्राथमिकता विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय पर होगी। इसके साथ ही कांग्रेस और अन्य घटक दल एनडीए की विफलताओं को जनता के सामने रखकर अपने चुनावी एजेंडे को मजबूती दे रहे हैं।
20 महीने में रोजगार का वादा
Congress Issues Charge Sheet Against NDA: तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से युवाओं और बेरोजगार मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए 20 महीने में हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। यह वादा राज्य में युवाओं में उत्साह और चर्चा का विषय बन गया है।
प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, कर्पूरी ठाकुर की पोती और किन्नर मैदान में
राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाते हुए, प्रसिद्ध रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज ने गुरुवार को अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस लिस्ट में कुल 51 कैंडिडेट्स शामिल हैं। पटना के शेखपुरा हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर प्रशांत किशोर स्वयं मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई रणनीति और पार्टी की प्राथमिकताएं साफ झलक रही थीं।

जनसुराज ने कई ऐसे नामों को टिकट दिया है जो अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं और राजनीति में अपना नाम बना चुके हैं। समस्तीपुर की मोरवा विधानसभा से कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। पूरी खबर…
