प्रशांत किशोर[/caption]
कर्पूरी ठाकुर की पोती को मिला टिकट
जनसुराज ने कई ऐसे नामों को टिकट दिया है जो अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं और राजनीति में अपना नाम बना चुके हैं। समस्तीपुर की मोरवा विधानसभा से कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। यह कदम पार्टी के लिए राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर का नाम बिहार में आज भी सम्मान और आदर्श का प्रतीक है।
इसके अलावा, पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह की बेटी लता सिंह को अस्थावां विधानसभा से उम्मीदवार बनाया गया है। यह नाम पार्टी के लिए सियासी और जातीय समीकरण दोनों को संतुलित करने वाला माना जा रहा है।
जनसुराज ने गोपालगंज से प्रीति किन्नर को मैदान में उतारा है। इसके साथ ही, गणितज्ञ केसी सिन्हा को पटना के कुम्हरार और पटना हाईकोर्ट के वकील वाईबी गिरी को सारण के मांझी से उम्मीदवार बनाया गया है। इन नामों से साफ है कि पार्टी ने अपने उम्मीदवारों में विशेषज्ञता, समाज में पहचान और राजनीतिक प्रभाव का संतुलन रखा है।
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प्रीति किन्नर[/caption]
जातीय समीकरण और रणनीति
Jan Suraj candidates list: जनसुराज की पहली सूची में जातीय समीकरण पर खास ध्यान दिया गया है। पार्टी ने EBC (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) से सबसे ज्यादा, यानी 17 उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, SC/ST वर्ग से 7, OBC वर्ग से 11, अल्पसंख्यक 9 और सामान्य वर्ग के 7 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी बिहार की सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति बना रही है। विशेष रूप से EBC और OBC पर जोर देना प्रशांत किशोर की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बिहार में यह वर्ग बड़ी संख्या में मतदाता हैं और उनकी भूमिका चुनाव परिणाम में निर्णायक होती है। जनसुराज ने इन वर्गों को संतुलित तरीके से उम्मीदवारों के रूप में पेश कर, अपनी चुनावी ताकत बढ़ाने की कोशिश की है।