Governor and CM Mohan Yadav Dussehra Greetings : राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों ने इस पर्व को असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हुए समस्त नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
विजयादशमी का महत्व
विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है। यह त्योहार नवरात्रि के नौ दिवसीय उपवास और देवी आराधना के बाद मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की विजय का संदेश दिया था। साथ ही, देवी दुर्गा ने महिषासुर का संहार करके शक्ति और भक्ति का महत्त्व स्थापित किया
READ MORE :मध्यप्रदेश का रावण गांव: जहां दशहरे पर होती है पूजा,न कि दहन
राज्यपाल मंगूभाई पटेल का संदेश
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विजयादशमी हम सभी को धैर्य, साहस और संयम के साथ जीवन को जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपनी कमियों और नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मकता अपनाने का अवसर देता है। समाज में भाईचारे, शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखें।
Governor and CM Mohan Yadav Dussehra Greetings :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हर व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास जगाता है। यह हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलकर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस पर्व पर हम सब मिलकर सामाजिक एकता और विकास की दिशा में कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और हर नागरिक के खुशहाल जीवन की कामना भी की।
सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
विजयादशमी केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का पर्व भी है। इस दिन जगह-जगह रावण दहन का आयोजन होता है, जिसमें लोग बुराई को जलाकर अच्छाई की जीत का संकल्प लेते हैं। समाज में बुराइयों को समाप्त कर सद्भावना और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है।
प्रदेश में उत्सव का माहौल
नवरात्रि के बाद लोग इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन और शोभायात्राओं का आयोजन होता है। मंदिरों और पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने शक्ति की आराधना की।
सुख-समृद्धि की कामना
राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने अपने संदेशों में प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व हम सभी को एक बेहतर समाज निर्माण की प्रेरणा देता है। यदि हम सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें तो व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर तेजी से प्रगति कर सकते हैं।
