Land pooling policy withdrawn : विश्व के सबसे बड़े मेले उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि मेले के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी अब सिंहस्थ 2028 के लिए किसी भी किसान की जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। पूर्व की तरह तय अवधि के लिए जमीन ली जाएगी। बदले में मालिकों को रुपए दिए जाएंगे। सिंहस्थ के सफल आयोजन और किसानों के सम्मान में सरकार ने निर्णय लिया है।
सिंहस्थ 2028 का आयोजन
सिंहस्थ हर बार की तरह भव्य होगा जिसमें लगभग 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले के लिए पर्याप्त जल, बिजली, सड़क, आवास और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
लैंड पूलिंग निरस्त
मेला क्षेत्र में किसानों द्वारा लैंड पूलिंग निरस्त करने की खबरों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखेंगे। लैंड पूलिंग के बावजूद वह यह सुनिश्चित करेंगे कि मेले की तैयारियां प्रभावित न हों। किसानों को मुआवजा और विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे वह प्रभावित न हों।
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मेले के संचालन हेतु प्रबंधन
सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए सरकार ने 523 विकास कार्यों की योजना बनाई है, जिसमें प्रमुख बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करें और श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधा प्रदान करें।
श्रद्धालुओं की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि होगी। पुलिस, होमगार्ड, और आपातकालीन सेवाओं के मध्य समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं, पार्किंग, और यातायात प्रबंधन की भी व्यापक योजना बनाई जा रही है जिससे श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
पर्यावरण व धार्मिक महत्व
सिंहस्थ के दौरान नदी के घाटों का विशेष ध्यान रखा जाएगा जिससे धार्मिक क्रियाकलाप सुचारु रूप से हो सकें। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नदी के शुद्धिकरण और स्वच्छता अभियान जारी रहेंगे।
