government of chhattisgarh:रायपुर। वित्त मंत्री का विधानसभा में बजट पेश करने से पहले अपने प्रदेश की माटी का तिलक लगाकर पहुंचना, छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद लेकर विधानसभा की ओर प्रस्थान करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की धरती के प्रति उनकी श्रद्धा, उत्तरदायित्व और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने बजट भाषण की शुरुआत भी इन पंक्तियों से की थी। “ना चंदन से ना कुमकुम से
श्रृंगार करा कर आया हूँ…
मैं अपने छत्तीसगढ़ की माटी का
तिलक लगा कर आया हूँ।”
उनकी यह कविता सिर्फ़ 1 भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं थी बल्कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार की उस दृष्टि का परिचायक भी है जिसमें विकास और संस्कृति साथ-साथ चलते हैं।
इस ऐतिहासिक बजट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता का बड़ा योगदान है।
विष्णुदेव साय का SANKALP
नीति से परिणाम तक प्रदेश के वित्त मंत्री ने इस वर्ष के बजट को “SANKALP” थीम पर आधारित बताया। इस बजट में SANKALP का अर्थ इरादा तो है ही साथ ही उसे जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता भी है।
government of chhattisgarh:1.72 लाख करोड़ रुपए के विकास बड़ा संकल्प
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय जहाँ बजट मात्र 4,944 करोड़ था वहीं वर्ष 2026-27 में बजट आकार 35 गुना बढ़कर 1,72,000 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 7,09,553 करोड़ रुपए अनुमानित है, जबकि वित्तीय घाटा FRBM के 3% मानक के भीतर रखा गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह विशेषता रही है कि वे विकास को संतुलन के साथ आगे गति देते हैं। बिलासपुर का होगा महानगरों की तर्ज पर विकास
इस बजट में न्यायधानी बिलासपुर के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
न्यायधानी बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास, CG VAYU योजना के तहत उड़ानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा साथ ही बिलासपुर के कोनी में 115 करोड़ की लागत से स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी।
बजट 2026-27 बना किसान समृद्धि का आधार
कृषक उन्नति योजना के लिए बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि राज्य के अन्नदाता सरकार की प्राथमिकता हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों की समस्याओं को निकट से समझते हैं। यही कारण है कि उनका बजट किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूती देने वाला है।
government of chhattisgarh:नारी सशक्तिकरण
महतारी गौरव वर्ष महतारी वंदन योजना के लिए साय सरकार के द्वारा बजट में 8,200 करोड़ रुपए का प्रावधान महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है।
