Garba non Hindu participation controversy : नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रमों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने गैर हिंदू प्रायोजकों,गैर हिंदुओं के गरबा समारोह में भाग लेने का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि गरबा सिर्फ एक लोक नृत्य नहीं, बल्कि देवी दुर्गा की पूजा का एक पावन पर्व है, इसलिए इसमें केवल आस्था रखने वाले हिंदू लोग ही शामिल हों।

VHP और बजरंग दल का आरोप और मांग
गैर हिंदुओं का गरबा आयोजनों में प्रवेश धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाता है और सामाजिक सौहार्द्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है। बजरंग दल के नेता ने कहा, कि केवल पूजा में विश्वास करने वाले ही इन आयोजनों का हिस्सा बनें। उन्होंने कई आयोजकों को निर्देश दिए हैं कि प्रवेश स्थल पर प्रतिभागियों का आधार कार्ड जांचा जाये और उनसे तिलक लगवाकर ही पंडाल में प्रवेश दिया जाए। उनका दावा है कि पिछले वर्षों में गैर हिंदू युवक नकली नाम और पहचान से इन आयोजनों में शामिल होकर हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर लव जिहाद जैसे कुप्रवृत्तियों को बढ़ावा देते रहे हैं।
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स्थानीय स्तर पर बढ़ते विवाद
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, मुंबई, नागपुर और कानपुर जैसे कई शहरों में गरबा आयोजनों के दौरान गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवादित होर्डिंग्स और पोस्टर्स लगाए गए हैं। कुछ स्थानों पर “जिहादियों का प्रवेश वर्जित” जैसे नारे लिखे गए हैं, जो सामाजिक तनाव की आग को और भड़का रहे हैं।कई जगह इस मुद्दे को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
गरबा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में धर्म और आस्था के आधार पर भागीदारी को लेकर यह विवाद गहराता जा रहा है। जबकि वीएचपी और बजरंग दल इसे धार्मिक मर्यादा की रक्षा का मसला मानते हैं, विपक्षी दल इसे सामाजिक समरसता का नुकसान पहुंचाने वाला बताते हैं। गरबा आयोजन पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा हैं।
इस परिस्थिति में सभी पक्षों से अपेक्षा की जा रही है कि वह सौहार्दपूर्ण संवाद और समझौते से ही इस विवाद का समाधान करें ताकि त्योहार का पावन वातावरण बना रहे।

