Baitul Itarsi Highway Condition 2025 : बैतूल–इटारसी हाईवे की जर्जर हालत को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। बैतूल जिले के चुरना में निजी दौरे के दौरान उन्होंने इस हाईवे की खराब स्थिति देखी, जिसके बाद नई दिल्ली में आयोजित CII नैशनल कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने अधिकारियों से सख्त सवाल किए। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा कि क्या उन्हें ठेकेदार से महीने में ‘हफ्ता’ मिल रहा है और क्या रिपेयर के नाम पर केवल कागज़ों में एंट्री हो रही है। गडकरी ने बताया कि हाईवे की खराब हालत के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर और रीजनल ऑफिसर जिम्मेदार होंगे और जिन अफसरों ने लापरवाही की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गडकरी का सख्त रुख
नितिन गडकरी ने कहा कि पिछले एक साल से सोशल मीडिया पर लोग सड़क की स्थिति की शिकायत कर रहे हैं, जिनमें हादसों में लोगों की जान जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि देश के विकास का रास्ता बनाना है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि के दौरान ठेकेदार की जगह अधिकारियों पर निगरानी रखी जाएगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों का प्रमोशन रोका जाएगा।
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अधिकारियों पर कार्रवाई
गडकरी ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD) और रीजनल ऑफिसर (RO) को जवाबदेह ठहराया और स्पष्ट कहा कि उन्होंने दोनों को बुलाकर रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से सख्त लहजे में पूछा कि क्या उन्हें ठेकेदार की तरफ से रिश्वत मिल रही है। बैतूल से इटारसी के बीच करीब आठ किलोमीटर सड़क बंद होने की बात करते हुए उन्होंने इस समस्या को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए।
सड़क का हाल बेहाल
बैतूल-इटारसी फोरलेन रोड की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाएं और आवागमन की कठिनाइयां बढ़ गई हैं। लोग सोशल मीडिया से लेकर प्रशासन तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय से सुधार नहीं हो सका। कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दल भी सड़क की स्थिति को लेकर गडकरी को ज्ञापन दे चुके हैं।
सख्त कदमों की तैयारी
गडकरी ने कहा, कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मंत्रालय के सचिव को इस संदर्भ में रिपोर्ट भेजी है और समस्या के समाधान के लिए टीम गठित की गई है।
