धार्मिक शुरुआत और चार दिन का व्रत
Hartalika Teej to Rishi Panchami: महिलाओं के लिए इस साल धार्मिक रूप से विशेष चार दिनों की शुरुआत हो चुकी है। 25 अगस्त से महिलाओं का सोमवार का व्रत शुरू हुआ, इसके बाद 26 अगस्त को हरतालिका तीज, 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी और 28 अगस्त को ऋषि पंचमी का व्रत मनाया जाएगा। इस चार दिवसीय श्रृंखला में महिलाएं निरंतर उपवास, पूजा और आराधना में संलग्न रहेंगी।
हरतालिका तीज का महत्व
हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने इसी दिन भगवान शिव को पति स्वरूप प्राप्त किया था। महिलाएं निर्जला व्रत कर अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

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गणेश चतुर्थी का पर्व
हरतालिका तीज के अगले दिन यानी 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाएगी। श्रद्धालु भगवान गणपति का स्वागत करेंगे और विघ्नहर्ता से सुख-समृद्धि, खुशहाली और संतान की भलाई के लिए प्रार्थना करेंगे।
ऋषि पंचमी व्रत का महत्व
28 अगस्त को ऋषि पंचमी का व्रत स्त्रियों के लिए पापमोचन और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा कर महिलाएं जीवन में हुई किसी भी त्रुटि या अशुद्धि से मुक्ति प्राप्त करती हैं।
धैर्य, शक्ति और सामाजिक प्रभाव
Hartalika Teej to Rishi Panchami: चार दिनों तक निरंतर व्रत रखना आस्था और विश्वास का परिचायक है। दिन-रात पूजा-अर्चना और उपवास में संलग्न रहकर महिलाएं परिवार और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं। इस दौरान परिवार और समाज को चाहिए कि वे महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनके धार्मिक प्रयासों की सराहना करें।
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