भारत के विभिन्न राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही, 40 से ज्यादा मौतें
भारत के कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं से भारी तबाही मची है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मौजूदा हालात चिंताजनक हैं।

जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाएं
- रियासी जिले के बदर गांव में शनिवार सुबह लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें 7 शव बरामद किए गए हैं। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि सर्च ऑपरेशन जारी है।
- रामबन जिले के राजगढ़ में बादल फटने से 4 लोग मारे गए और एक व्यक्ति लापता है।
- कटरा में वैष्णो देवी यात्रा पांचवें दिन भी रुकी हुई है। अगस्त में यहां लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत हो गई थी।
पंजाब में बाढ़ और भारी बारिश का कहर
- पंजाब के 250 से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जलस्तर 5 से 15 फीट तक बढ़ गया है, और 3 लोग लापता हैं।
- अमृतसर और पठानकोट में बाढ़ के कारण लोग फंसे हुए हैं, जिनका राहत कार्य जारी है। स्पेशल गाड़ियों से फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही
- हिमाचल प्रदेश के मंडी और कुल्लू जिले में बादल फटने और लैंडस्लाइड के कारण 557 सड़कों को बंद करना पड़ा है। सबसे अधिक सड़कें मंडी में प्रभावित हुई हैं।
- उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, और टिहरी में शुक्रवार को बादल फटने से 5 मौतें हुई हैं और 11 लोग लापता हैं। बद्रीनाथ नेशनल हाईवे भी बंद कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी बाढ़ का खतरा
- उत्तर प्रदेश के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 774 मकान ढह चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले वाराणसी और जौनपुर हैं।
- महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड़ में 50 से अधिक सड़कें और पुल जलमग्न हो गए हैं। वहीं गुजरात में साबरकांठा जिले में भी मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
भारत में हो रही इस भारी बारिश और बाढ़ के कारण जान-माल का नुकसान हो रहा है। हर राज्य में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं, और प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन भी जारी हैं। भारी बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है, लेकिन प्रशासन और बचाव दल बचाव कार्य में पूरी तरह जुटे हुए हैं।
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