ex naxals love marriage kanker: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो न केवल समाज को प्रेरित करती है, बल्कि यह दिखाती है कि शांति और प्रेम की राह कभी भी अपनाई जा सकती है। पखांजुर थाना परिसर में दो पूर्व नक्सलियों ने हथियार छोड़कर विवाह के बंधन में बंधने का निर्णय लिया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ एक दूजे को वरमाला पहनाई।
थाना परिसर बना शादी का मंडप
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद सुंदर तस्वीर सामने आई है, जिसमें हथियार छोड़ चुके दो पूर्व नक्सली शादी के बंधन में बंधे नजर आए हैं. तस्वीर कांकेर जिले पखांजुर की है, जो किसी को भी आकर्षित कर सकती है. शादी के जोड़े में पूर्व नक्सलियों के चेहरों पर सजी मुस्कान उनके लिए प्रेरणा हैं, जो अभी भी भटके हुए हैं.
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हथियार छोड़े, जीवन साथी को थामा: ex naxals love marriage kanker
गौरतलब है कभी हथियार थामकर जंगलों में घूमने वाले दोनों पूर्व नक्सली हाथों में मेहंदी लगाए एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया है. नक्सली संगठनों के बहकावे में कभी खून-खराबा करने वाले पूर्व नक्सली अब अपनी नई जिंदगी बसाने की ओर बढ़ चले हैं, जिसका उनका साथ छत्तीसगढ़ सरकार और उनकी पुनर्वास नीति ने दिया है.
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह: ex naxals love marriage kanker
रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को जिले पखांजुर थाना क्षेत्र में मुख्यधारा में लौट चुके दोनों पूर्व नक्सलियों का विवाह संपन्न हुआ. शांति और प्रेम के रास्ते पर निकले दोनों पूर्व नक्सली क्रमशः सागर हिरदो और सचिला मांडवी ने अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे के साथ निभाने का वादा किया है.
ex naxals love marriage kanker: आत्मसमर्पण से लेकर प्रेम तक का सफर
साल 2014 में नक्सल संगठन से जुड़े दूल्हा बने सागर हिरदो ने पखांजुर पुलिस के सामने दिसम्बर 2024 को आत्मसमपर्ण कर किया, जबकि दुल्हन बनीं सचिला मांडवी साल 2020 में नक्सल संगठन से जुड़ी और 2024 को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था.
ex naxals love marriage kanker: पुलिस बल का हिस्सा बनते ही जुड़ा रिश्ता
नक्सली संगठन का साथ छोड़कर आत्म-समर्पण करने वाले दोनों बाद में पुलिस बल का हिस्सा बन गए और इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और दोनों विवाह करने का फैसला कर लिया. दो पूर्व नक्सलियों का विवाह संदेश देता है कि शांति, विश्वास, पुनर्वास, प्रेम, सम्मान, परिवर्तन और नई शुरुआत के लिए समाज आगे खड़ा है.
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