Earphone Addiction Alert: आज की डिजिटल दुनिया में ईयरफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चाहे म्यूजिक सुनना हो, वीडियो देखना हो, फोन कॉल करना हो या मीटिंग्स में लेना हो। ईयरफोन हर जगह उपयोग में आते हैं। खासकर युवाओं और वर्क फ्रॉम होम करने वालों के बीच ईयरफोन का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आदत का आपके कानों और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है?
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ईयरफोन का ज्यादा और लगातार उपयोग हियरिंग लॉस, कान में दर्द, इंफेक्शन, मानसिक समस्याएं, और टिनिटस जैसी कई परेशानियों को जन्म दे सकता है। लंबे समय तक और ऊंची आवाज में सुनना कानों की नसों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे बहरेपन का खतरा भी हो सकता है।

सुनने की क्षमता हो सकती है प्रभावित…
ईयरफोन का अत्यधिक और तेज आवाज में प्रयोग आपके सुनने की क्षमता (Hearing System)को कम कर सकते हैं। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार 85 डेसिबल या उससे अधिक ध्वनि में 8 घंटे से ज्यादा समय तक सुनता है, तो उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
तेज आवाज में लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल कॉक्लिया (cochlea) नामक अंग को नुकसान पहुंचाता है, जो हमारे कान के अंदर होता है और ध्वनि को पहचानने का कार्य करता है। इससे धीरे-धीरे परमानेंट हियरिंग लॉस यानी स्थायी बहरेपन की स्थिति बन सकती है।
बचाव…
1. आवाज की सीमा 60% से अधिक न रखें
2. एक बार में 60 मिनट से अधिक उपयोग न करें (60/60 रूल)

कान में दर्द और असहजता…
कई बार लोग ईयरफोन को घंटों तक कानों में लगाए रहते हैं, जिससे कान के पर्दे (eardrum) पर दबाव बढ़ता है। इससे कानों में दर्द, जलन, खुजली और भारीपन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इन-ईयर ईयरफोन कानों की बनावट के हिसाब से बिल्कुल फिट नहीं होते, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर फिजिकल डिस्कम्फर्ट होता है। कुछ लोगों को इससे सिर दर्द और थकान भी महसूस होती है।
सलाह…
1. ईयरफोन की जगह ओवर-इयर हेडफोन का इस्तेमाल करें।
2. लगातार उपयोग के दौरान ब्रेक लें।
कान में इंफेक्शन का बढ़ता खतरा
ईयरफोन गंदे होने पर बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण को जन्म दे सकते हैं। बार-बार बिना साफ किए हुए ईयरफोन का उपयोग करने से कान के बाहरी हिस्से (outer ear canal) में बैक्टीरिया इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे इंफेक्शन, पस, दर्द और सुनने में रुकावट की समस्या हो सकती है।
इसके अलावा, यदि आप किसी के साथ ईयरफोन शेयर करते हैं, तो इयर इंफेक्शन फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
बचाव..
1. हर 2-3 दिन में ईयरफोन को सैनिटाइज करें।
2. किसी के साथ ईयरफोन शेयर न करें।
मानसिक समस्याएं और एकाग्रता में कमी…
ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। जब आप लगातार तेज आवाज में संगीत या अन्य ऑडियो सुनते हैं, तो यह आपके दिमाग पर माइक्रो स्ट्रेस उत्पन्न करता है। इससे एकाग्रता की कमी, थकान, मूड स्विंग्स, और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
खासतौर पर जब आप काम करते समय बैकग्राउंड में म्यूजिक सुनते हैं, तो यह आपकी वर्क प्रोडक्टिविटी को कम कर सकता है।

उपाय..
1. काम करते समय ईयरफोन से बचें
2. माइंडफुल लिसनिंग करें, यानी पूरे ध्यान से सीमित समय के लिए सुनें
कानों में घंटी बजने जैसी स्थिति…
टिनिटस (Tinnitus) एक ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति को कानों में लगातार घंटी, सीटी, या गूंजने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं, जबकि असल में कोई आवाज नहीं होती। यह समस्या विशेष रूप से तेज वॉल्यूम में ईयरफोन के लंबे इस्तेमाल से हो सकती है।
कई बार यह समस्या स्थायी हो जाती है और व्यक्ति को सामान्य जीवन जीने में भी कठिनाई होने लगती है।
विशेषज्ञों की सलाह…
डॉक्टरों और ENT स्पेशलिस्ट का कहना है कि यदि आप दिनभर ईयरफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे कम करना बहुत जरूरी है। बच्चों और किशोरों में यह आदत ज्यादा खतरनाक हो सकती है, क्योंकि उनका श्रवण तंत्र अभी पूरी तरह से विकसित नहीं होता।
हेल्दी आदतें अपनाएं…
1. ओवर-इयर हेडफोन बेहतर विकल्प हैं
2. नॉइज कैंसिलिंग ईयरफोन का उपयोग करें ताकि कम वॉल्यूम में भी साफ आवाज मिले।
3. हर 1 घंटे के बाद 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें।
4. रात में सोते समय ईयरफोन का इस्तेमाल न करें।
