दुर्गापुर गैंगरेप: पिता की ममता से माफी, पहचान परेड
दुर्गापुर के उस वीरान रात ने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। 10 अक्टूबर की रात को मध्यरात्रि के आसपास हुई घटना ने एक MBBS छात्रा और उसके परिवार की दुनिया उथल‑पुथल कर दी। दर्द गहरा था; गुस्सा भी था पर सबसे अचानक और असरदार पल तब आया जब पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांग लीं। उन्होंने कहा, “ममता मेरे लिए मां जैसी हैं। अगर मैंने कुछ कह दिया तो मैं उनसे माफी मांगता हूँ।” यह माफी एक भावनात्मक मोड़ थी जहां अपमान और सम्मान, आशा और हताशा एक साथ झलकते दिखे।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि लड़कियां रात में बार नहीं निकलें
विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि लड़कियां रात में बार नहीं निकलें। इस पर आक्रोश में बोले गए पिता के तीखे शब्दों के बाद ही ये सार्वजनिक माफी आई। घटना के दूसरे पहलू भी गंभीर हैं। 10 अक्टूबर की रात छात्रा अपने एक दोस्त के साथ डिनर से लौट रही थी। उसने कहा कि रास्ता रोककर कुछ लोगों ने ज़बरदस्ती किया; उसका दोस्त भाग गया और बाद में स्पष्ट नहीं कर पाया कि उसने क्यों मदद नहीं की या किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
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पुलिस ने मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है
5 को 12‑13 अक्टूबर को और पीड़िता के दोस्त को 14 अक्टूबर को। 14 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपियों के साथ घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट भी किया। अब दुर्गापुर पुलिस पहचान परेड (test identification parade) के लिए कोर्ट से परमिशन मांगने की तैयारी कर रही है। अगर अनुमति मिलती है, तो पीड़िता को आरोपियों के सामने लाकर पहचान कराई जाएगी एक संवेदनशील लेकिन अहम कदम जिसे न्यायिक प्रक्रिया में निर्णायक माना जाता है।

पुलिस ने बताया है कि 16 या 17 अक्टूबर को पीड़ित के दोस्त की मेडिको‑लीगल जांच होने की भी योजना है। साथ ही आरोपियों के “गैट पैटर्न एनालिसिस” (चलने दौड़ने के तरीके का विश्लेषण) पर भी विचार चल रहा है। यह तकनीकी कदम CCTV फुटेज या घटनास्थल पर मिले पैरों के निशानों से मिलान करने में मदद कर सकता है खासकर तब जब चेहरे छिपे हुए हों।
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