जानिए बेंगलुरु की इस दिल दहला देने वाली डॉक्टर कपल की कहानी।
anesthesia bangalore case: डॉ. कृतिका रेड्डी एक होनहार डर्मेटोलॉजिस्ट, जिसकी आंखों में भविष्य के कई सपने थे। 29 साल की उम्र में, जब ज़िंदगी सिर्फ उड़ान भरना चाहती है, तब किसी अपने ने ही उसके पंख काट दिए। और वो भी ऐसा कोई नहीं… बल्कि उसका खुद का पति।
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31 वर्षीय गैस्ट्रो-सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी, जिसने कसम खाई थी साथ निभाने की, उसने ही उसे धीरे-धीरे ज़हर की तरह एक दवा प्रोपोफोल के ओवरडोज़ से मार डाला। ये वही दवा है जिसे हॉस्पिटल्स में ऑपरेशन के वक्त मरीज को बेहोश करने के लिए दिया जाता है।
anesthesia bangalore case: शादी को सिर्फ 10 महीने हुए थे
21 अप्रैल 2025 को कृतिका ने पेट दर्द की शिकायत की। महेंद्र ने खुद घर पर उसके पैर में कैनुला लगाया यहीं से शुरू हुआ मौत का वो सिलसिला, जिसे कृतिका कभी समझ भी नहीं पाई। अगले तीन दिन महेंद्र ने लगातार उसे इंजेक्शन दिए। और 24 अप्रैल की सुबह, वो कभी न उठने वाली नींद में चली गई।
उसकी मौत को पहले नेचुरल बताया गया। लेकिन कृतिका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और विसरा रिपोर्ट ने सारे राज खोल दिए कृतिका की मौत प्रोपोफोल के ओवरडोज से हुई थी।
anesthesia bangalore case: 10 महीने की शादी, सपनों का घर, और एक ऐसा विश्वासघात जो मौत में बदल गया
परिवार का कहना है महेंद्र सिर्फ प्यार नहीं, लालच भी करता था। वह कृतिका के पैसों पर निर्भर था, एक अस्पताल की मांग कर रहा था, और उसके मुंबई की एक महिला के साथ पुराने रिश्ते भी सामने आए।
महेंद्र की गिरफ्तारी से भले एक इंसाफ की शुरुआत हुई हो, लेकिन सवाल अब भी हैं क्या कोई वो ‘मर्डर’ को भी प्रोफेशन की तरह अंजाम दे दे?
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