Deputy CM tatement on Naxalism : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद पर बयान दिया है जहां एक ओर आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत किया जा रहा है, वहीं सरकार ने साफ किया है कि एंटी-नक्सल ऑपरेशन किसी भी हाल में नहीं रुकेंगे.
नक्सलियों के आत्मसमर्पण को बताया ऐतिहासिक कदम
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का कहना है कि नक्सलियों के लगातार आत्मसमर्पण से सरकार के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है.210 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें बड़े कैडर के सदस्य भी शामिल हैं। इसे समाज और राज्य के लिए सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मील का पत्थर बताया गया है.
आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत
सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने पर विशेष ध्यान दे रही है. विजय शर्मा ने कहा,कि जो नक्सली हथियार छोड़कर समाज में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें हरसंभव मदद और सम्मान मिलना चाहिए। इन कार्यक्रमों के जरिए उन्हें नया जीवन शुरू करने का मौका दिया जा रहा है.
ऑपरेशन नहीं रुकेंगे-विजय शर्मा
विजय शर्मा ने दो-टूक कहा,कि नक्सल ऑपरेशन में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. जो नक्सली मुख्यधारा में नहीं लौटना चाहते और हिंसा का रास्ता अपनाए हुए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुरक्षाबल मिलकर अभियान तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं.
बातचीत केवल शर्तविहीन-सरकार
छत्तीसगढ़ सरकार संवाद के लिए तैयार है, लेकिन नक्सलियों की ओर से किसी भी किस्म की शर्त सरकार को मंजूर नहीं. विजय शर्मा ने ज़ोर दिया कि बातचीत भारतीय संविधान के दायरे में ही हो सकती है अराजकता या समानांतर व्यवस्था की कोई गुंजाइश नहीं है
नक्सलवाद खत्म करने की रणनीति
सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं को पहुंचाने, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने और नेताओं के नियमित दौरे जैसी कई नई रणनीतियां बनाई हैं. इन अभियानों की वजह से अब जंगल के अलावा शहरी इलाकों में भी नक्सल गतिविधि की निगरानी हो रही है, सरकार का फोकस दोनों मोर्चों पर है.
छत्तीसगढ़ सरकार आत्मसमर्पण की नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों का खुले दिल से स्वागत कर रही है, साथ ही सख्त एंटी-नक्सल ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे. सरकार का स्पष्ट रुख है—नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो
