Bitter Gourd With Curd Side Effects: आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई फिट रहने के लिए हेल्दी खाना अपनी डाइट में शामिल करते हैं। लोग हरी सब्जियां, दही, दूध जैसी चीजे अपनी डाइट में शामिल करते हैं। कई लोग मानते हैं कि करेले और दही दोनों ही शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों को एक साथ खाने से आपकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है?
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बता दें कि, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इस बात की पुष्टि करते हैं कि करेले और दही को साथ में नहीं खाना चाहिए। आइए जानते हैं क्यों।
करेले में मौजूद तत्व और उसके फायदे…
करेला (Bitter Gourd) विटामिन C, आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन को सुधारने, और लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। आयुर्वेद में करेले को “कषाय” और “तिक्त रस” वाला आहार माना गया है, यानी इसका स्वाद कड़वा और शरीर में ठंडक लाने वाला होता है।
करेला पेट से जुड़ी समस्याओं, जैसे कब्ज और गैस, को दूर करता है और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। डायबिटीज़ के मरीजों के लिए यह सब्जी किसी औषधि से कम नहीं मानी जाती।


दही के पोषक तत्व और लाभ…
दही (Curd) प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह शरीर में पाचन तंत्र को मजबूत करता है और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाता है। गर्मियों में ठंडक देने वाला यह आहार त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी है।
लेकिन दही एक “शीत” यानी ठंडी प्रकृति वाला पदार्थ है। यह शरीर में कफ बढ़ाने का काम करता है और जिन लोगों को सर्दी, खांसी या साइनस की समस्या होती है, उनके लिए दही का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

करेले और दही को साथ खाने से क्यों होता है नुकसान?
आयुर्वेद के अनुसार, करेले और दही की तासीर आपस में टकराती है। करेले में मौजूद तत्व शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ थोड़ा कड़वाहट और गर्माहट भी पैदा करते हैं, जबकि दही पूरी तरह से ठंडी तासीर वाला पदार्थ है। जब ये दोनों एक साथ खाए जाते हैं, तो शरीर में “विरोधाभासी आहार” (Incompatible Foods) का प्रभाव पड़ता है।
इससे शरीर के अंदर पाचन तंत्र में असंतुलन पैदा होता है। आयुर्वेद के अनुसार, ऐसे खाद्य पदार्थ जो एक-दूसरे की तासीर को रद्द करते हैं, उन्हें साथ खाना “विरुद्ध आहार” कहलाता है, जो शरीर में विषाक्तता (Toxins) बढ़ाने का कारण बनता है।
संभावित नुकसान..
1. पाचन तंत्र पर असर – करेले और दही को साथ खाने से गैस, पेट दर्द, पेट में जलन या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. त्वचा रोगों का खतरा – लंबे समय तक इन दोनों को साथ खाने से शरीर में कफ और पित्त का असंतुलन बढ़ सकता है, जिससे त्वचा पर दाने, खुजली या एलर्जी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
3. जोड़ों में दर्द और सूजन – आयुर्वेद में कहा गया है कि ठंडी तासीर वाले पदार्थों का अधिक सेवन जोड़ों में दर्द और सूजन को बढ़ा सकता है।
4. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना – दोनों को साथ खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ सकते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है।
5. सर्दी और खांसी की समस्या – दही की ठंडक और करेले की कड़वाहट शरीर में असंतुलन पैदा करती है, जिससे कफ बढ़ने की संभावना रहती है।

विशेषज्ञों की राय….
डायट एक्सपर्ट्स का कहना है कि करेले और दही को अलग-अलग समय पर खाना फायदेमंद होता है। उदाहरण के लिए, करेले की सब्जी या जूस सुबह खाली पेट लिया जा सकता है, जबकि दही को दोपहर के भोजन के साथ खाया जा सकता है। लेकिन दोनों को एक साथ खाने से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि, विपरीत प्राकृतिक के आहार के सेवन से शरीर के अंदर आम (विष पदार्थ) उत्पन्न होता है, जो धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों जैसे त्वचा रोग, गठिया, और पाचन विकार का कारण बन सकता है।
क्या करें और क्या न करें…
1. करेले और दही को कभी एक साथ न खाएं।
2. करेले का सेवन हमेशा पके हुए रूप में करें, कच्चा जूस सीमित मात्रा में ही लें।
3. दही को रात में या ठंडे मौसम में खाने से बचें।
4. पाचन को मजबूत रखने के लिए अदरक, सौंफ और हल्दी का उपयोग करें।
5. अगर करेले का स्वाद कम करना चाहते हैं, तो उसे नींबू या थोड़ा नमक डालकर बना सकते हैं, दही की जरूरत नहीं।

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