cooperative society scam: भोपाल की गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था में हुए गड़बड़ी मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष संतोष जैन, बिल्डर और क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक, शिशिर खरे, नंदा खरे, शुभालय विला के प्रतिनिधि, बबलू सातनकर, सुनीता सातनकर और अनिता बिस्ट भट्ट सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर पद के दुरुपयोग, फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

2400-1500 वर्गफीट से 1200 वर्गफीट
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2024 में संतोष जैन ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए संस्था की लगभग 5 एकड़ जमीन विकास के नाम पर मेसर्स शुभालय विला नामक बिल्डर को सौंप दी। यह अनुबंध अवैध रूप से किया गया, जिसमें अधिकांश भूमि बिल्डर को दे दी गई और मूल सदस्यों के लिए सिर्फ 44 प्लॉट छोड़े गए। पहले से निर्धारित भूखंडों का आकार भी घटाकर 2400-1500 वर्गफीट से 1200 वर्गफीट कर दिया गया।
फर्जी तरीके से समझौता कर लिया
ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि अनुबंध पत्र के पहले तीन पेज कूटरचित थे, जिन पर गवाहों के हस्ताक्षर तक नहीं थे। जैन ने साजिशपूर्वक आमसभा के प्रस्तावों में बदलाव कर खुद को बिल्डर से अनुबंध के लिए अधिकृत दिखाया और फर्जी तरीके से समझौता कर लिया।
धनराशि को संस्था के खातों में नहीं दिखाया गया
इतना ही नहीं, संस्था में नियमों की अनदेखी करते हुए 44 मूल सदस्यों को भूखंड नहीं दिए गए, बल्कि 49 नए सदस्य जोड़ दिए गए। इनमें कुछ सहकारिता निरीक्षक और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति भी शामिल थे। इन नए सदस्यों को नियमों के विरुद्ध भूखंड आवंटित कर बेचे गए, और इससे प्राप्त धनराशि को संस्था के खातों में नहीं दिखाया गया।
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है
इसके अलावा नगर निगम में बंधक रखे गए प्लॉट भी नियमों के विपरीत अन्य लोगों को बेच दिए गए। इस पूरे प्रकरण में संस्था के धन और भूखंडों का सुनियोजित दुरुपयोग कर सदस्यों के अधिकारों का हनन किया गया। ईओडब्ल्यू अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
