conversion controversy: गांव की शांति भंग करने वाली एक छोटी-छोटी बात कभी-कभी बड़े तनाव की वजह बन जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ है कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र के देवडोंगर गांव में, जहां एक प्रार्थना सभा को लेकर माहौल गरम हो गया.
conversion controversy: ग्रामीणों की नाराजगी का कारण
कांकेर के सुखदर मंडावी के घर रविवार को आयोजित प्रार्थना सभा की सूचना मिलते ही गांव के लोग इकट्ठा हो गए। उनमें से अधिकांश ने सभा का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की. उनका कहना था कि मिशनरियों की ये गतिविधियां उनकी पारंपरिक मान्यताओं और सांस्कृतिक धरोहर के लिए खतरा हैं.
conversion controversy: धर्म बचाने के लिए गुस्सा
हम अपनी संस्कृति और धर्म को बचाना चाहते हैं. ग्रामीण का कहना है. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए ताकि गांव के लोग भ्रमित न हों.
प्रशासन और पुलिस अलर्ट
मामले की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय प्रशासन ने फौरन हस्तक्षेप किया। पुलिस ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे और बड़े आंदोलन के लिए भी तैयार हैं।
मिशनरियों का पक्ष
वहीं दूसरी ओर मिशनरियों का कहना है कि उनकी सभा केवल धार्मिक भक्ति के लिए थी और इसका उद्देश्य किसी को कनवर्ट करना नहीं था। परन्तु, गांव के लोगों का विश्वास इससे उलट है। उनका मानना है कि धीरे-धीरे ये गतिविधियां उनकी परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश हैं.
क्या है विवाद
यह केवल एक प्रार्थना सभा का मामला नहीं, बल्कि हमारे समाज में बढ़ती धार्मिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक सुरक्षा की भावना का आईना है. ग्रामीण अपने धर्म और संस्कृति के प्रति इतने जागरूक हो गए हैं कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं कर रहे .
