मध्यप्रदेश के दतिया जिले में दिनदहाड़े अपहरण की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिकवरी एजेंट को बोलेरो में जबरन उठाने के मामले में खुद पुलिस का आरक्षक आरोपी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर 21 वर्षीय रिकवरी एजेंट का अपहरण कर लिया। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है।
किस्त विवाद से शुरू हुआ मामला
पीड़ित विजय बाल्मीकि एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत है। उसने एक ग्राहक को बाइक फाइनेंस करवाई थी, जिसकी किस्तें बकाया थीं। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने उसे निशाना बनाया।
ऑनलाइन सेंटर से जबरन उठाया
विजय दतिया के एक ऑनलाइन सेंटर पर मौजूद था, तभी आरोपी छोटू मांझी, आरक्षक राजपाल मांझी, बंटी उर्फ मुस्लिमान और अन्य साथी वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर जबरन बोलेरो वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया।बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपियों ने उसे डराने के लिए फायरिंग भी की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने किया 7 किलोमीटर तक पीछा
घटना की सूचना मिलते ही दतिया पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दी। पुलिस को पास आता देख आरोपी घबरा गए और पीड़ित को सड़क पर छोड़कर भागने लगे.पुलिस ने करीब 7 किलोमीटर तक पीछा कर दो आरोपियों छोटू मांझी और बंटी उर्फ मुस्लिमान को गिरफ्तार कर लिया।
आरक्षक समेत कई आरोपी फरार
इस मामले में मुख्य आरोपी आरक्षक राजपाल मांझी सहित चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
