
होली से पहले सैलरी
इसके अलावा CM योगी ने होली से पहले प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली। त्योहार पर किसी भी कर्मचारी को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। इसके लिए CM योगी सभी विभागों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन होली से पहले हर हाल में उनके बैंक खातों में पहुंच जाना चाहिए।
संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मी पर भी लागू
यह आदेश केवल नियमित कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मी और सफाईकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होगा। सीएम योगी ने दो-टूक कहा है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UP Holi Holiday: पेंशनरों को राहत
सिर्फ राज्य कर्मचारी नहीं, बल्कि पेंशनरों को भी पेंशन 28 फरवरी तक जारी कर दी जाएगी। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी DM को आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि होली की छुटि्टयों को देखते हुए पेंशन फरवरी महीने के आखिरी दिन तक पूरी कर लिया जाए। UP सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विद्यालयों और कार्यालयों में पहले ही त्योहार से पहले वेतन/ मानदेय भुगतान के आदेश दिए। इस संबंध में बुधवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी की ओर से भी आदेश दिया गया।
रंग में रंगे बांके बिहारी
इधर,वृंदावन में रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को अनोखा नजारा देखने बोला। बांके बिहारी को रंग और अबीर लगाने के साथ ही ब्रज की होली की शुरुआत हो गई है। मंदिर रंग-बिरंगे गुलाल में डूबा नजर आया। पुजारियों ने प्रसादी गुलाल भक्तों पर बरसाया। साथ ही फूल, जलेबी और लड्डू लुटाए। अबीर पड़ते ही भक्त खुशी से झूम उठे। बांके बिहारी जी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा। गुलाल से सराबोर भक्तों ने बांके बिहारी के दर्शन किए।
राधा कृष्ण का निकला डोला
इस बीच, राधा वल्लभ मंदिर से राधा कृष्ण का डोला भी निकला। बग्गी पर सवार होकर राधा कृष्ण के स्वरूप जगह-जगह होली खेलते हुए आगे बढ़े। 401 साल से परंपरा निभाई जा रही। होली पर अनुमान है कि करीब 10 लाख भक्त वृंदावन पहुंचे हैं। इससे पहले, गुरुवार को नंदगांव और बुधवार को बरसाना में लठमार होली खेली गई थी।

फूलों की होली
मथुरा के ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में होली खेली जा रही है। ठाकुर जी के सम्मुख भक्तों पर पिचकारी से रंग वर्षा की गई। यहां केवल शुद्ध टेसू के फूल, अबीर, गुलाल, चोवा, चंदन और केसर का ही प्रयोग किया गया है। वृंदावन में जर्मनी, कोलंबिया, स्पेन से आए सैलानियों ने होली खेली। मथुरा में फूलों से होली खेली जा रही है। राधा, कृष्ण और सखियों के भेष में सजे कलाकारों ने रासलीला की।
