शिक्षकों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले राज्य में शिक्षा और सामाजिक माहौल की स्थिति काफी खराब थी। समाज में विवाद था और सांप्रदायिक दंगे होते थे। लेकिन उनकी सरकार आने के बाद शांति और सद्भाव का माहौल बना हुआ है।
CM ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई है और जब शिक्षकों की जरूरत पड़ी तो BPSC के माध्यम से 2.50 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। साथ ही 2.68 लाख शिक्षकों को नियमित किया गया।

Nitish Kumar Muzaffarpur: मुफ्त इलाज और मुफ्त दवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अस्पतालों में बेहद सीमित मरीजों का इलाज हो पाता था, लेकिन उनकी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और मुफ्त दवा की व्यवस्था लागू की। पहले प्रदेश में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 12 हो चुकी है। कई जिलों में भी मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 5 हजार से ज्यादा बेड की सुविधा विकसित की गई है और 5 अन्य मेडिकल कॉलेजों के विस्तार पर भी काम चल रहा है।
एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
रोजगार को लेकर CM ने बताया कि अगले 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 1.14 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। जाति आधारित गणना में सामने आए 94 लाख गरीब परिवारों को योजनाओं से जोड़कर सहायता राशि दी जा रही है, जिसमें 2 लाख रुपये से ज्यादा की मदद भी शामिल है।

CM का महिला सशक्तीकरण पर जोर
Nitish Kumar Muzaffarpur: महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि राज्य में महिला पुलिस की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। जीविका योजना में 1.40 करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है।
