Char Dham Yatra 45 Lakh Pilgrims : उत्तराखंड में इस वर्ष कई प्राकृतिक आपदाओं ने तीर्थयात्रियों की यात्रा को चुनौती दी, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,कि 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम की शांतिपूर्ण और सुरक्षित यात्रा पूरी कर सकुशल अपने घर लौटे हैं।
आपदाओं के बावजूद सुरक्षित यात्रा
उत्तराखंड में मानसून के दौरान बारिश और भूस्खलन जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया और तीर्थयात्रियों के लिए सतर्कता बरती है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा,कि कठिन मौसम और आपदाओं के बीच भी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
स्वास्थ्य और सुरक्षा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
चारधाम यात्रा के चार मंदिरों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के आसपास स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया गया।चिकित्सा टीमों और आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए इंतजाम किए गए। यह यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने में सहायक साबित हुए।
पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान
सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को भी मद्देनजर रखते हुए यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरणीय संरक्षण के कार्यक्रम चलाए। इससे चारधाम यात्रा के स्थायी और हरित विकास को बढ़ावा मिला है।
श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि
सीएम धामी ने बताया कि इस साल 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर सकुशल लौटे हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। यात्रियों ने यात्रा के दौरान उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा की है।
भविष्य की तैयारियां
आने वाले सालों में चारधाम यात्रा को और बेहतर और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। बेहतर आधारभूत संरचना, डिजिटल प्रबंधन, और आधुनिक सेवाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह बयान राज्य सरकार की तीर्थ यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और संतोष सुनिश्चित करने में सफल रही है।
