
टोल फ्री नंबरों का संचालन
मुख्यमंत्री ने टोल फ्री नंबरों के संचालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से इनके उपयोग, प्रभावशीलता और जनता की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन नंबरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसलिए, इन सेवाओं को और अधिक उत्तरदायी और उपयोगी बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जाएं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टोल फ्री नंबरों पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो और जनता को इसका त्वरित लाभ मिले।
अपणि सरकार पोर्टल को सशक्त बनाने पर जोर
CM Dhami toll free no: बैठक में अपणि सरकार पोर्टल की प्रगति और कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल को और अधिक जनसुलभ और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं को सरल और सुगम बनाया जाए ताकि आम नागरिक बिना किसी जटिलता के इसका उपयोग कर सकें। इसके लिए तकनीकी उन्नयन, उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस और सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। सीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों और आवेदनों का निपटारा त्वरित और पारदर्शी तरीके से हो।

राज्य स्थापना की रजत जयंती
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रत्येक जनपद में प्रवासी पंचायत कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। इन कार्यक्रमों में उन गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा जो अपने जनपद से बाहर रह रहे हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश के विकास में प्रवासियों की भागीदारी को बढ़ाने और उनके अनुभवों का लाभ उठाने के उद्देश्य से की जा रही है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन आयोजनों की सभी तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी पंचायत न केवल सामाजिक एकजुटता को बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश के विकास में नए विचारों और सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी।
CM Dhami toll free no: तैयारियों के निर्देश
प्रवासी पंचायत के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में प्रवासियों के लिए उचित व्यवस्था, उनके स्वागत और विचार-विमर्श के लिए मंच तैयार किया जाए। इसके साथ ही, आयोजन की सफलता के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
