Bhajanlal Sharma teacher suspension Rajasthan 2025 : राजस्थान सरकार ने पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले दूध पाउडर के दुरुपयोग की शिकायतों पर गंभीर कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग की जांच में कुछ शिक्षकों द्वारा बच्चों के हिस्से का दूध पाउडर मावा फैक्ट्रियों को बेचे जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद पांच सरकारी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम राज्य सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निलंबित शिक्षकों की सूची और स्थित
निलंबित शिक्षकों में शीला बलाई (राजकीय प्राथमिक विद्यालय), सुरेश कुमार (प्रबोधक), मंगलाराम (वरिष्ठ अध्यापक), पप्पाराम गोदारा (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय) और राजेश मीणा (प्रधानाचार्य) शामिल हैं। इन सभी का मुख्यालय बीकानेर में निर्धारित किया गया है और इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जांच समिति और रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जो चार दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 22,500 विद्यालयों में भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया तेज की जाएगी, सभी बच्चों तक पोषण सामग्री सही से पहुंच रही हो।
सरकार की नीति
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में पूर्ण शून्य सहिष्णुता की नीति पर चल रही है। बच्चों के पोषण के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग की कार्रवाई राज्य सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल है।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बच्चों के पोषण में गड़बड़ी के मामले में पांच शिक्षकों को निलंबित करके साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
