Cm bhagwant mann: श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर गुरुद्वारा खुरालगढ़ में राज्य स्तरीय समागम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित पूरी कैबिनेट मौजूद रही. इस मौके पर सीएम ने कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है.

सभी वर्गों को बराबरी का अधिकार दे रही
Cm bhagwant mann: वहीं उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के प्रकाश पर्व को लेकर पूरे साल समागम आयोजित किए जाएंगे। हम प्रबंधकों की भूमिका में रहेंगे, जबकि समागम कहां करवाने हैं और अन्य सभी व्यवस्थाएं संत समाज तय करेगा.
इस कार्यक्रम में प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे. जहा उन्होंने कहा कि… उनकी सरकार गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है। पूरी कैबिनेट यहां उपस्थित है और सरकार समाज के सभी वर्गों को बराबरी का अधिकार दे रही है।
आज सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जो सभी को आगे बढ़ने के अवसर दे न कि केवल मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के दोस्तों और करीबियों को। सभी को समान रूप से आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
यूनिवर्सिटी में होंगे सेमिनार
सीएम ने कहा कि साढ़े छह सौवें प्रकाश पर्व की शुरुआत आज से की जा रही है। इस दौरान सभी विश्वविद्यालयों में सेमिनार होंगे। वहीं जहां संत समाज कहेगा, वहां समागम होंगे।
हमारे गुरुओं की शताब्दी की ऐसी मिसाल कहीं मिलनी चाहिए। इस दौरान संत सम्मेलन, कीर्तन और कथाएं होंगी। बाकी जैसा संत समाज तय करेगा, वैसा ही होगा। हम तो केवल प्रबंधक हैं। संत समाज में बहुत गुणी लोग बैठे हैं।
बाबी जी ने दिया था आशीर्वाद
सीएम ने कहा मैं जब पहले भी यहां आया था, तो बाबा जी ने मुझे आशीर्वाद दिया था“काका, तैयारी कर ले। तेरी कलम से जो फैसले होने हैं, उनके लिए परमात्मा तैयार है। लेकिन ऐसा फैसला न हो, जिससे आम लोगों का नुकसान हो।”
क्लास में नहीं बैठने देते, बाद में लिखा संविधान
Cm bhagwant mann: सीएम ने कहा कि हमारे संविधान के रचयिता, जिन्होंने बहुत छोटे परिवार से उठकर पीएचडी की, विदेशों में जाकर पढ़ाई की। उस समय छुआछूत का रिवाज था, उन्हें कक्षा में बैठने नहीं दिया जाता था, वे दूर बैठकर पढ़ते थे। बाद में उन्होंने हमारा संविधान लिखा। विद्या शेरनी के दूध की तरह होती है, जो उसे पी लेता है, वह दहाड़ेगा ही।
रविदास जी की यही शिक्षा है कि जब सब प्रसन्न होंगे, जब सभी को अन्न मिलेगा। मैं गुरु साहिब से यही मांगता हूं कि इज्जत से हमें इससे ज्यादा न बढ़ाना, लेकिन इससे कम भी न करना। इस दुनिया में सिकंदर जैसे कई लोग आए, लेकिन सभी खाली हाथ ही गए।
