Chief Minister Hemant Soren himself took charge: सीएम हेमंत सोरेन की पहल का ही नतीजा है कि 13 दिनों तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहने वाले दोनों भाई-बहन अब आजाद हैं. बता दें की रांची के जगन्नाथपुर थाना इलाके के मौसीबड़ी इलाके से दो मासूम बच्चे 2 जनवरी को लापता हो गए थे.

और पूरे मामले पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.
Chief Minister Hemant Soren himself took charge: जिसके बाद दोनों बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए पूरे राज्य की पुलिस एक्टिव हो गई. और खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले पर लगातार नजर बनाए रखी.
कोशिश के बाद पुलिस ने 14 जनवरी को दोनों मासूमों को रामगढ़ से बरामद कर लिया। दोनों बच्चों के घर लौटते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई.
वहीं बच्चों की सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस की तारीफ भी की.
साथ ही रांची के डीसी को बच्चों के परिवार के लिए सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया.बता दें की पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. और साथ ही 12 और बच्चों को भी छुड़ाया.
कमर तोड़ने तक पुलिस शांत नहीं बैठने वाली
Chief Minister Hemant Soren himself took charge: इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ कर दिया कि इस आपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने तक पुलिस शांत नहीं बैठने वाली.
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