छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन में बारिश की रफ्तार बढ़ने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त से एक-दो जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। हफ्तेभर से प्रदेशभर में मानसून की एक्टिविटी कम रहने के कारण बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिसकी वजह से उमस और गर्मी बढ़ी है। बारिश होने से फिर से तापमान में गिरावट होगी।
सरगुजा और बस्तर में आज बौछार
सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में 1 जून से 10 अगस्त तक 673 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि 697.7 मिमी हो जानी चाहिए थी। यानी अब तक औसत से 4% कम पानी बरसा है।
तापमान बढ़ने से बढ़ी गर्मी
टेम्प्रेचर की बाद करें तो प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कम होने से दिन का तापमान सभी जगहों पर बढ़ गया है। रात का टेम्प्रेचर भी 21 से 28 डिग्री के बीच बना हुआ है।रविवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 34.6°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.6°C पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया। वही कोंटा में 60 मिलीमीटर छोटेडोंगर में 50 मिली मीटर, सुकमा और सोनहत में 40 मिली मीटर बारिश हुई।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम
छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बंगाल की खाड़ी और आसपास बनने वाले मजबूत सिस्टम पर निर्भर करती है। 13 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। जिसके वजह से एक बार फिर से बारिश होगी।
छत्तीसगढ़ के किस संभाग में कितनी बारिश ?
1 जून से अब तक 673 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर में सबसे ज़्यादा 1101.6 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 331.4 मिमी बारिश हुई है।जून से जुलाई के बीच 623.1 MM मिलीमीटर बारिश प्रदेश में 1 जून से 30 जुलाई तक कुल 623.1 MM मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 558MM के करीब बारिश का अनुमान लगाया था। यानी अनुमान से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 453.5 मिमी बारिश हुई है।
पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार ही जुलाई में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले 2016 में 463.3MM पानी गिरा था।
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