Chhattisgarh substandard medicines 2025 : देशभर में दवाओं की गुणवत्ता पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सितंबर माह की रिपोर्ट में 112 दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल पाई गईं। इनमें से 9 दवाइयां छत्तीसगढ़ में बिक रही थीं जिन्हें अमानक पाया गया, जबकि एक नकली दवा भी पकड़ी गई ।
दवाइयों में पाई गई गड़बड़ी
CDSCO और राज्य औषधि नियामक प्रयोगशालाओं की संयुक्त जांच में पाया गया कि कई सामान्य बीमारियों में दी जाने वाली दवाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इन दवाओं में Albendazole, Paracetamol और कुछ एंटी-फंगल क्रीम शामिल हैं ।
फेल हुई दवाओं की लिस्ट में ऐसे ब्रांड भी मिले जिनकी खपत ग्रामीण इलाकों और सरकारी अस्पतालों में ज्यादा है। नकली दवा की बिक्री गैर-अधिकृत निर्माता द्वारा किसी अन्य ब्रांड के नाम से की जा रही थी, जिसे जांच में पकड़ा गया है।
देशभर में 112 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल
सितंबर 2025 के परीक्षणों में देशभर से लिए गए 1100 से अधिक नमूनों में 112 दवाएं मानक गुणवत्ता से नीचे पाई गईं। इनमें 49 सैंपल हिमाचल प्रदेश से, 16 गुजरात से, 11 पंजाब से और 6 मध्य प्रदेश से थे ।
सीडीएससीओ की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि ये दवाएं कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, अस्थमा, संक्रमण, दर्द और एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं ।
विशेष रूप से तीन खांसी की सिरप को भी अमानक घोषित किया गया है, जिनमें से एक नकली पाया गया है।
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क्वालिटी चेक में मिली खामियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार कई दवाओं में एक्टिव इंग्रेडिएंट (API) की मात्रा निर्धारित मानकों से कम या अधिक मिली। कई सैंपलों में Dissolution Test और Assay Test में विफलता दर्ज हुई। यह खामियां खासतौर पर Paracetamol, Telmisartan, Albendazole और Amoxicillin जैसी दवाओं में सामने आईं ।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में एक ही बैच प्रभावित रहता है, जबकि उसी कंपनी की अन्य बैचों पर इसका असर नहीं माना जाना चाहिए ।
Chhattisgarh spurious drugs September 2025 : प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
सीडीएससीओ ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी अमानक और नकली दवाओं को तुरंत बाजार से वापस लिया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने दोषी कंपनियों और वितरकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।
छत्तीसगढ़ के औषधि नियामक ने कहा,कि राज्य के सभी जिलों में दवा दुकानों, हॉस्पिटलों और थोक आपूर्तिकर्ताओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
Chhattisgarh spurious drugs September 2025 :आम जनता से अपील
जनता से अपील की गई है कि वे दवाएं केवल प्रमाणित मेडिकल स्टोर्स या अस्पतालों से ही खरीदें। यदि किसी दवा की गुणवत्ता या पैकिंग संदिग्ध लगे तो निकटतम औषधि निरीक्षण कार्यालय को सूचित करें।
एक बार फिर देश की दवा आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सरकार अब दवा गुणवत्ता निरीक्षण को डिजिटल ट्रैकिंग और बैच-की-बेस्ड मॉनिटरिंग से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है ।
