Chhattisgarh SIR campaign progress : छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने तेज गति पकड़ी है। राज्य में बीएलओ (Booth Level Officers) ने केवल 6 दिनों में करीब 43 लाख मतदाताओं तक पहुंच बनाई है। इस अभियान के तहत मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं, जिसमे मतदाता सूची में नाम दर्ज करने, सुधार करने और सत्यापन का कार्य किया जाता है।
मतदाता सूची का उद्देश्य और प्रक्रिया
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। इसमें नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और गलत जानकारियों का संशोधन किया जाता है। इस बार लगभग 95% मतदाताओं को दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि उनका रिकॉर्ड पहले से ही प्रमाणित है।
READ MORE : 200 यूनिट तक की खपत पर मिलेगा बिजली बिल हाफ योजना का लाभ!
गणना प्रपत्र वितरण और ऑनलाइन प्रक्रिया
बीएलओ के माध्यम से गणना प्रपत्र ऑफलाइन भरे जा सकते हैं। इसके अलावा मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन भी अपडेट कर सकते हैं। “बुक अ कॉल विद बीएलओ” जैसी सुविधा से मतदाता सीधे अपने जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होती हैं।
अभियान की टाइमलाइन
छत्तीसगढ़ में यह अभियान 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद 9 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी की जाएगी और 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। अंत में 7 फरवरी 2026 को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होगी जो आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी।
मतदाता जागरूकता और सुरक्षा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम, पते आदि की सही जानकारी दें ताकि किसी भी योग्य मतदाता को सूची से वंचित न रहना पड़े। साथ ही झूठी जानकारी देने वाले पर कड़ी कार्रवाई होगी।
यह SIR अभियान छत्तीसगढ़ राज्य में लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाना और नए मतदाताओं को शामिल कर चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। इस अभियान की सफलता राज्य में चुनावों की निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करेगी।
