Chhattisgarh paddy procurement start November 15 : मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की है कि राज्य में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से की जाएगी। सरकार ने समर्थन मूल्य पर सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदने की बात कही है। इसके लिए करीब 2,058 सहकारी समितियां और 2,739 खरीद केंद्र तैयार किए गए हैं. राज्य सरकार ने खरीफ सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है.
कांग्रेस की मांगें
मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद कांग्रेस ने खरीदी प्रक्रिया को लेकर विरोध और मांगें तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू की जाए, जिससे किसानों को जल्द भुगतान और राहत मिल सके। साथ ही, कांग्रेस ने समर्थन मूल्य को ₹3,286 प्रति क्विंटल करने, प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी तय करने, और बारिश से खराब फसल का तुरंत सर्वे कर मुआवजा देने की मांग रखी है.
पंजीकरण और पोर्टल समस्या
कांग्रेस ने एग्रिस्टैक पोर्टल पर किसान पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि डिजिटल गड़बड़ियों के चलते लाखों किसानों का पंजीकरण अधूरा रह गया है—पोर्टल डाउन रहना, डाटा मेल न होने जैसी समस्याएं सामने आ रही है कांग्रेस ने सरकार से पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
READ MORE :AI तकनीक का दुरुपयोग, 36 छात्राओं के बनाए अश्लील फोटो-मचा हड़कंप
समर्थन मूल्य और खरीद प्रक्रिया
सरकार ने इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹3,286 प्रति क्विंटल करने पर विचार किया है, जिसमें नए MSP की बढ़ोतरी भी शामिल है. हर किसान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदने का लक्ष्य भी तय किया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस का कहना है कि पिछले साल की तुलना में रजिस्ट्रेशन कम हो रहा है और कई किसान सरकार की व्यवस्था से वंचित रह सकते हैं.
किसानों की चुनौतियाँ
बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते कई किसानों की फसल खराब हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से तत्काल सर्वे कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है, जिससे नुकसान की भरपाई तत्काल हो सके.
धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री साय के ऐलान के बाद कांग्रेस ने खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने, समर्थन मूल्य बढ़ाने, और किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग कर दी है. राज्य में धान खरीदी व्यवस्था, पंजीकरण और भुगतान की पारदर्शिता पर चर्चा तेज हो गई है।
