Chhattisgarh Paddy Procurement 2025 : छत्तीसगढ़ में शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर पहले से ही सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्तमान सरकार पर खरीदी की तैयारियों में लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल और पंजीयन में दिक्कतों के कारण किसानों को भारी परेशानी हो रही है।
पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी को लेकर दावा किया है कि धरातल पर धान खरीदी की कोई तैयारी नहीं है. इधर एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन की दिक्कतों से पंजीयन के लिए 7 लाख किसान परेशान हैं. पंजीयन के लक्ष्य से ही समझ आ रहा है कि सरकार ही नहीं चाहती कि पूरे किसान धान बेचें, इसलिए पेचीदगियां पैदा की गई हैं.
डिप्टी सीएम साव का कड़ा पलटवार
पूर्व सीएम के इन आरोपों पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने पलटवार किया है। साव ने कांग्रेस को ठगने और लूटने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसान हितैषी है और सभी वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बोनस देने का वादा किया था, लेकिन उसे निभाया नहीं और किसानों को धोखा दिया। साव ने यह भी कहा कि धान खरीदी समय पर शुरू होगी और किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी।
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SIR पर कांग्रेस की निगरानी को लेकर कसा तंज
SIR प्रक्रिया को लेकर आज कांग्रेस की निगरानी समिति की बैठक प्रस्तावित है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को न संविधान पर भरोसा है, न संवैधानिक संस्थाओं पर. उनका भरोसा सिर्फ एक परिवार और उसके आदेशों पर है
राजनीतिक विवाद
धान खरीदी को लेकर हुए इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में तनाव बढ़ा दिया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं सरकार ने भी धान खरीदी केंद्रों की तैयारियों को लेकर एक मंत्रियों की बैठक बुलाई है, जिसमें खरीदी को सुनिश्चित करने के लिए कई निर्णय लिए जाएंगे।
