Chhattisgarh Naxalite Surrender CM Vishnudev Sai : छत्तीसगढ़ में सुरक्षा और विकास के नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष आज लगभग 200 सक्रिय नक्सली सरेंडर करने वाले हैं। यह बड़ा सरेंडर कार्यक्रम कांकेर जिले में आयोजित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कई मोस्ट वांटेड उग्रवादी भी शामिल हैं जो वर्षों से जंगलों में सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ अभियान चला रहे थे।
राज्य सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास नीति को और अधिक प्रभावी बनाया है। आत्मसमर्पण करने वालों को रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है-शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है।” उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से शांति और विकास हुआ है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ा गया, जिसके परिणाम अब दिखने लगे है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और अब सरकार का फोकस उन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर है जहां पहले हिंसा और भय का वातावरण था।
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अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर हो रहे हिंसा मुक्त
एक समय में नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहे अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर अब धीरे-धीरे हिंसा मुक्त होते जा रहे हैं। इन इलाकों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों ने जनजीवन में परिवर्तन लाया है।
राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क पर विशेष ध्यान देकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता पाई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ का नाम अब विकास, न कि हिंसा, के लिए जाना जाएगा। पिछले दो वर्षों में यहां सैकड़ों किलोमीटर सड़कें बनी हैं
केंद्र और राज्य का प्रयास रंग ला रहा है
केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से नक्सलवाद पर लगाम कसने में सफलता मिली है।सुरक्षा बलों की नई रणनीति, तकनीकी सहायता, ड्रोन निगरानी और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने इस अभियान को गति दी है।
राज्य के गृह विभाग अधिकारियों के अनुसार, बीते पांच वर्षों में नक्सल घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि शेष प्रभावित इलाकों को भी पूरी तरह से शांति और विकास के रास्ते पर लाया जाए।
