Chhattisgarh DGP IG Conference 2025 : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है जिसमें देश भर के पुलिस महानिदेशक (DGP) एवं महानिरीक्षक (IGP) भाग लेंगे। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ इस बड़े आयोजन की मेजबानी करेगा। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक रायपुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) परिसर में होगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे जबकि इसका समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से होगा।
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं
यह कॉन्फ्रेंस प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों, नक्सल विरोधी अभियानों, ड्रग निवारण, साइबर सुरक्षा तथा सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर केंद्रित होगी। इसमें देशभर के सुरक्षा अधिकारियों के बीच रणनीतिक चर्चा, अनुभव साझा किए जाएंगे। विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हुई पुलिस और केंद्रीय बलों की सफलताओं को उजागर किया जाएगा और भविष्य के लिए नई रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
READ MORE :नीले ड्रम के बाद अब सूटकेश में पति की लाश
नक्सलवाद से मुकाबला
सम्मेलन में नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा और वहां की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा बस्तर मॉडल की चर्चा की जाएगी जिसमें संयुक्त ऑपरेशन, आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस के बेहतर उपयोग से नक्सलवाद को कम करने की रणनीति शामिल है। गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सल समस्या को समाप्त करने की समय सीमा तय कर रखी है।
सुरक्षा मुद्दे
साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरे, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक, जम्मू-कश्मीर की स्थिति, और सीमा प्रबंधन जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुरक्षा अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे और राष्ट्र की सुरक्षा पर गंभीरता से चर्चा होगी।
सुरक्षा और आयोजन
सम्मेलन के दौरान रायपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। NSG कमांडो, व्यापक वाहनों की व्यवस्था तथा एयरपोर्ट से IIM रायपुर तक सुरक्षा रूट को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। देश के लगभग 500 वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है जिसमें 250 अधिकृत अधिकारी प्रत्यक्ष और शेष वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। पहली बार यहां इस प्रकार का विशाल सम्मेलन आयोजित होने से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्थाओं में मजबूती आएगी और देश के अंदरूनी सुरक्षा मुद्दों पर ठोस कदम उठाने में मदद मिलेगी।
