chhattisgarh nhm rajyotsav: राजधानी रायपुर के महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है, जिनमें सबसे प्रमुख है — गाय को “राजमाता” का दर्जा देना। अगर यह प्रस्ताव पारित होता है, तो छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां गाय को इतना ऊंचा सांस्कृतिक और संवैधानिक सम्मान मिलेगा।
chhattisgarh nhm rajyotsav: धार्मिक आस्था से जुड़ा है प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ में लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि गाय को राज्य की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक भावनाओं का प्रतीक मानते हुए “राजमाता” का दर्जा दिया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व में इस पर सहमति जताते हुए कहा था कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। अब आज की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय की संभावना है।
धान खरीदी की तैयारियों पर मंथन
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए धान खरीदी नीति पर भी चर्चा हो रही है। सरकार यह तय करेगी कि इस साल धान का समर्थन मूल्य क्या रहेगा, खरीदी केंद्रों की संख्या कितनी होगी, और किसानों को समय पर भुगतान कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। यह फैसला लाखों किसानों के हित को सीधे प्रभावित करेगा।
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राज्योत्सव 2025 के भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार होगी
राज्य सरकार इस साल 1 नवंबर से शुरू होने वाले राज्योत्सव 2025 को और भव्य बनाने की तैयारी में है। कैबिनेट बैठक में इसके आयोजन, थीम, स्थान और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हो रही है। राज्योत्सव को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विकास यात्रा को दर्शाने का प्रमुख अवसर माना जाता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों की मांगों पर भी चर्चा
बैठक में NHM यानी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी विचार किया जा रहा है। इनमें नियमितीकरण, वेतनमान और स्थायीत्व से जुड़ी मांगे शामिल हैं। NHM कर्मियों की हाल ही में कई बार हड़ताल हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई थीं। अब सरकार के सामने कर्मचारियों को संतुष्ट करने की चुनौती है।
त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं पर विशेष फोकस
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए सरकार कानून-व्यवस्था, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था पर भी चर्चा कर रही है। खासकर शहरी इलाकों में भीड़ प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
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