Chaitanya Baghel property attachment 2025 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की कुल 61.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ शराब घोटाले की जांच जारी है जिसमें कई अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
कुर्क की गई संपत्तियों का विवरण
कुर्क की गई संपत्तियों में 364 आवासीय प्लॉट और खेती की जमीनें शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 59.96 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपी के बैंक खातों में जमा राशि और फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर 1.24 करोड़ रुपये भी कुर्क किए गए हैं। ये संपत्तियां रायपुर और भूपेश बघेल के करीबी इलाकों में फैली हुई हैं।
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मामला और जांच की स्थिति
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। जांच में यह सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और 2500 करोड़ से अधिक की काली कमाई की गई। ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने शराब सिंडिकेट से प्राप्त अवैध धन को अपनी रियल एस्टेट कंपनी ‘बघेल डेवलपर्स’ के जरिए सफेद करने की कोशिश की।
वठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में घोटाले का पैसा लगाया गया
ईडी को पता चला है कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिले पैसे को अपनी रियल एस्टेट परियोजना ‘वठ्ठल ग्रीन’ में लगाया, जो उनके वित्तीय गलत चालाकी का एक बड़ा सबूत है। उनके खिलाफ 18 जुलाई, 2025 को गिरफ्तारी हुई थी और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी की जांच अभी भी जारी है और आगे और संपत्तियों की कुर्की के खुलासे हो सकते हैं। इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और शासकीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां भ्रष्टाचार और काले धन के मामलों की संवेदनशीलता बढ़ रही है।
