CDS जनरल अनिल चौहान का बड़ा बयान: फौज में भाई-भतीजावाद नहीं’
भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में रांची में छात्रों से बातचीत करते हुए भारतीय सेना और उसकी ताकत को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उनके बयान ने न सिर्फ सेना के गौरव को उजागर किया बल्कि एक संदेश भी दिया कि फौज एक ऐसी जगह है जहां केवल देश के प्रति समर्पण और बहादुरी की अहमियत होती है न कि भाई-भतीजावाद और सिफारिशों की।
भारतीय फौज में भाई-भतीजावाद का कोई स्थान नहीं
CDS जनरल चौहान ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि फौज ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां किसी भी प्रकार का भाई-भतीजावाद या पक्षपात नहीं होता। उन्होंने कहा “अगर आप सेना में आते हैं तो यही वह जगह है जहां आपको अपना कौशल और क्षमता साबित करना होता है। यहां आपका चयन केवल आपकी मेहनत और लगन पर आधारित होता है न कि किसी सिफारिश या परिवार की पृष्ठभूमि पर।”
उनका यह संदेश उन युवाओं के लिए प्रेरणा था जो अपने करियर को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे हैं। जनरल चौहान ने कहा कि सेना में आकर न केवल देश की सेवा की जाती है बल्कि यह दुनिया को देखने का भी बेहतरीन मौका होता है।
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी बात की जो 7 मई की रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हुआ था। उन्होंने बताया कि यह भारतीय सेना का एक बहुत ही सटीक और प्रभावी ऑपरेशन था जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे। यह ऑपरेशन पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार के आतंकवाद को सहन नहीं करेगा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “हमने पाकिस्तान पर पहला हमला 7 मई की रात 1 बजे किया था ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।” ऑपरेशन सिंदूर की यह शुरुआत न सिर्फ सेना की रणनीतिक कुशलता को दर्शाती है बल्कि यह भी दिखाती है कि भारत की सेना हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहती है।
भारत शांति चाहता है लेकिन शांति का मतलब कमजोरी नहीं है
जनरल चौहान ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेतावनी दी और कहा “भारत शांति चाहता है लेकिन इसे कमजोरी न समझा जाए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “शांति बिना ताकत के केवल एक सपना है। अगर शांति चाहिए तो हमें हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहना होगा।”
यह बयान यह स्पष्ट करता है कि भारतीय सेना को सिर्फ शांति की जरूरत नहीं है बल्कि देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सेना की भूमिका आपदाओं में
जनरल चौहान ने यह भी बताया कि भारतीय सेना ने हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी अत्यधिक साहसिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा “इस साल देश में बाढ़ भूकंप और भूस्खलन जैसी कई प्राकृतिक आपदाएं आईं। इन मुश्किल हालात में सेना ने सबसे आगे बढ़कर काम किया।” भारतीय सेना ने न केवल फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला बल्कि उन्हें राहत सामग्री भी पहुंचाई और उनकी जान बचाई।
CDS चौहान के पिछले बड़े बयान
- 5 सितंबर – चीन के साथ सीमा विवाद सबसे बड़ी चुनौती है।
- 2 सितंबर – “शांति चाहिए तो युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहें।”
- 16 जुलाई – “कल के हथियारों से आज की लड़ाई नहीं जीत सकते।”
- 3 जुलाई – “पाकिस्तान भारत को 48 घंटे में हराना चाहता था लेकिन उसकी योजना फेल हो गई।”
ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कहानी
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई की रात को हुई थी जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस हमले में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे। यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की रणनीतिक सफलता को दर्शाता है बल्कि पाकिस्तान को यह भी संदेश देता है कि भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
