ओम बिरला, रिजिजू हुए शामिल
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू और बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार मौजूद रहे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर हरिवंश, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का भी स्वागत किया।

डिजिटल हाउस का उद्घाटन
बता दे कि बिहार विधानसभा की स्थापना 7 फरवरी, 1921 को गई थी। सर वाल्टर मोरे की अध्यक्षता में निर्वाचित प्रांतीय परिषद की पहली बैठक आयोजित हुई थी।

लोकसभा स्पीकर का बयान
कार्यक्रम के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि, ‘बिहार में राजनीतिक नेतृत्व के साथ ही राजनीतिक चिंतन भी रहा। हमारे जनप्रतिनिधि जितने सशक्त होंगे, जनता की अपेक्षाएं उतनी ही पूरी होगी। देश का नेतृत्व जितने भी नेताओं ने किया है, उन्होंने विधानसभा में सटीक तरीके से काम किया है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘2026 के आखिर तक देश की सभी विधानसभाओं का डिजिटाइजेशन कर दिया जाएगा। सभागृह की मर्यादा जितनी ज्यादा रहेगी, शासन में पारदर्शिता रहेगी, कार्यपालिका पर नियंत्रण होगा।

‘बिहार की धरती पवित्र’
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजु ने कहा बिहार की धरती पवित्र है। बिहार बुद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया को ज्ञान दिया। बिहार के रहवासी होने के नाते आपके मन में क्या है, यह आप खुद समझ सकते हैं। बिहार को हम लोग मदद करेंगे और बिहार से बहुत कुछ सीखेंगे भी।

Bihar Vidhan Sabha Foundation Day: क्यों नहीं आए CM?
इस दौरान CM नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। जिसको लेकर बिहार विधानसभा के संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। CM नीतीश ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं।’
