हर हफ्ते जल सुनवाई
यह जल सुनवाई हर सप्ताह वार्ड कार्यालयों में 11 से 2 बजे तक आयोजित हो रही है. जिसमें नागरिक सीधे अधिकारियों के सामने अपनी जल संबंधी शिकायतें रख रहे हैं । सुनवाई के दौरान गंदा पानी, कम दबाव से जल आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज और अनियमित सप्लाई जैसी समस्याओं पर चर्चा की जा रही है। साथ ही नि:शुल्क जल परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

Bhopal Weekly Water Hearing: जल की शुद्धता की जांच
प्रयोगशाला सहायक लाल बहादुर पटेल का कहना है कि जो भी जल की शुद्धता की जांच करवाना चाहता है, उनके घर जाकर भी जल की शुद्धता की जांच भी की जा रही है, इसके लिए 10 पैरामीटर पर सपाट पर ही जांच हो रही है और अन्य जांचों के लिए सैम्पल को लैब में भेजा जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट 48 घंटे में आ जाती है, जल सुनवाई में अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।

शुद्ध जल उपलब्ध कराने का काम
नगर निगम का कहना है कि जल सुनवाई का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और आम जनता को राहत देना है नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे उपयोगी बताया है इसके साथ ही लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
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इंदौर के बाद जागा भोपाल निगम
Bhopal Weekly Water Hearing: बता दे कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से करीब 32 लोगों की मौत हो चुकी है। भोपाल के भी आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव में भी दूषित पानी मिला है, जहां भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई। प्रदेश के कई हिस्सों से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें आ रही हैं। इसलिए सरकार ने हर मंगलवार को जलसुनवाई की तर्ज पर जल सुनवाई आयोजित करने का फैसला किया है। इस जलसुनवाई में अधिकारी एक्सपर्ट्स के साथ बैठकर लोगों की पानी से जुड़ी समस्याएं सुन रहे हैं।
