Bhopal Tourism Corruption 2025 : भोपाल टूरिज्म विभाग में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 15 हजार रुपये कीमत वाले पानी पुरी काउंटर को करीब 2 लाख 95 हजार रुपये में खरीदा गया। इस घोटाले की जांच के बाद दो जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। एमपी टूरिज्म के प्रबंध संचालक डॉ इलैया राजा टी की देखरेख में यह कार्रवाई की गई।
खरीदी में बड़ी गड़बड़ी
फ्लोटिंग रेस्टोरेंट नामक परियोजना के तहत बोट क्लब में सामग्री खरीद में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। 15 हजार रुपये का पानी पुरी काउंटर 2.95 लाख रुपये में बना। इसी तरह, 65 हजार रुपये का स्नैक ट्रॉली 4.13 लाख में, 17 हजार रुपये का सूप स्टेशन 2.86 लाख रुपये में, और 37 हजार रुपये के आईसी काउंटर को 3.18 लाख रुपये में खरीदा गया। कुल मिलाकर 80 लाख रुपये खर्च कर 72 सामान खरीदे गए, जिनमें से 40 वस्तुएं गायब पाई गईं।
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नकली बिल और बिना अनुमति की खरीदारी
जांच में पता चला कि खरीद को छोटे-छोटे बिलों में बांटकर कोटेशन के नाम पर गड़बड़ी की गई। खरीदी गई वस्तुओं पर न कंपनी का लोगो था न बारकोड, जिससे गुणवत्ता और मौलिकता पर सवाल खड़े होते हैं। दोनों अधिकारियों ने बिना मुख्यालय की अनुमति 80 लाख रुपये से ज्यादा की सामग्री खरीदी, जबकि उनकी खरीदी की सीमा केवल 5 लाख रुपये थी।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कार्यवाही
यह मामला भोपाल टूरिज्म विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में छिपे भ्रष्टाचार को उजागर करता है। अधिकारियों के निलंबन के साथ ही विभाग में जांच तेज कर दी गई है। सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता स्थापित करने के लिए कठोर कदम उठाने का संकल्प लिया है।
भोपाल टूरिज्म विभाग में भारी भ्रष्टाचार की जांच में पानी पुरी काउंटर जैसे सामानों की कीमतें असल से कई गुना अधिक पाई गईं। इस मामले में दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है और विभागीय सुधारों के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।
