Bhavantar MP Farmers Benefits : MP के किसानों के लिए भावांतर योजना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा शुरू की गई पहल ने किसान समुदाय में उत्साह पैदा किया है. उज्जैन सहित प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने इसका आभार व्यक्त किया है
भावांतर योजना का उद्देश्य
भावांतर योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोयाबीन जैसे फसलों के MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम दाम मिलने पर भी किसानों को नुकसान न हो और उनके उत्पाद को उचित मूल्य मिल सके। इससे किसानों की आय स्थिर और सही मूल्य पर सुनिश्चित की जाएगी.
मुख्यमंत्री का कहना है कि यह कदम किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और पहले धान-गेहूं जैसी फसलों के लिए जो कदम उठाये गए उसी दिशा-निर्देशिका का विस्तार है.
आवेदन और पंजीयन प्रक्रिया
भावांतर योजना के अंतर्गत पंजीयन (ई-उपार्जन पोर्टल) हालिया दौर में 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, जिसके बाद पात्र किसान योजना से लाभ प्राप्त कर सकेंगे. पंजीयन के लिए किसान ऑनलाइन पोर्टल पर फार्म भरेंगे और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करेंगे.
पंजीयन प्रक्रिया सरल रखने पर ज़ोर दिया गया है जिससे अधिकाधिक किसानों को लाभ मिले. पंजीयन के बाद मंडियों में उपज बेचते समय MSP से कम दाम मिलते हैं तो सरकार अंतर भुगतान करेगी.
READ MORE :दीपावली से पहले लाडली बहनों को खुशखबरी, सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, जल्द मिलेगी अक्टूबर की किस्त
लाभार्थी और पात्रता
योजना का लाभ सोयाबीन उत्पादन करने वाले पंजीकृत किसानों को मिलेगा, विशेषकर वे किसान जो मंडी में फसल बेचते समय MSP से कम दाम पाते हैं. भुगतान की राशि सरकार द्वारा सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
ट्रैक्टर रैली
उज्जैन में ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी. इसका नेतृत्व किसान करेंगे भावांतर योजना के प्रति किसानों में भरोसा और संतुष्टि है
संभावित प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
किसानों को MSP के समान मूल्य के निकट या उसके बराबर भुगतान मिलने से उनकी आय स्थिर होगी और उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी. इससे कृषि-आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है.
विपक्षी दलों और किसान संगठनों द्वारा योजनाओं की सही-तरीके से क्रियान्वयन और उसका सुचारु तौर पर लागू होना जरूरी बताया गया है, ताकि लक्षित लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे.
भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को सोयाबीन जैसी फसलों के MSP से कम दाम मिलते समय भी नुकसान नहीं उठाना पड़े, यह सुनिश्चित किया गया है. पंजीयन की समय-सीमा और आसान प्रक्रिया से अधिक से अधिक किसानों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे योजना के प्रभाव में मजबूती आएगी. उज्जैन के किसान समुदाय का प्रशासनिक-नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करना यह दर्शाता है कि नीति-निर्माता और कृषि-सेवा के बीच एक स्पष्ट सकारात्मक संवाद बन सकता है, जो आगे चलकर किसान-कल्याण के लिए प्रेरक बनेगा.
