Bhavantar Yojana: मध्यप्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना का पंजीयन कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि किसान 17 अक्टूबर 2025 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावांतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

Bhavantar Yojana: किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके
सरकार के इस निर्णय से अब तक प्रदेशभर के 61 हजार 970 किसानों ने पंजीयन कराया है। योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
Bhavantar Yojana: किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धान और गेहूं की तरह अब सोयाबीन किसानों को भी उनके परिश्रम का पूरा दाम दिलवाया जाएगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर भुगतान मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो।
बैंक खातों में भेजी जाएगी
पंजीयन प्रक्रिया 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चलेगी। योजना की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। कृषि भूमि और किसानों के रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग करेगा तथा पंजीकृत किसानों को निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत
इंदौर जिले में सबसे अधिक 12,207 किसानों ने पंजीयन कराया है, इसके बाद शाजापुर (11,731), उज्जैन (8,221), राजगढ़ (5,468) और आगर मालवा (3,540) जिले शामिल हैं। अन्य जिलों में भी किसान उत्साहपूर्वक पंजीकरण कर रहे हैं, जिससे यह योजना प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
