Bhavantar Scheme: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए 13 नवंबर का दिन खास रहा। उन्हें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी राहत दी। उन्होंने सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में भावांतर योजना के 233 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।

देवास जिले में आयोजित इस अहम कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने 183.25 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने कार्यक्रम में प्रदर्शित की गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने अन्नदाता पर पुष्पवर्षा भी की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई।
किसानों की वजह से प्रदेश की विशेष पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सीमा पर जवान और खेत में किसान, दोनों बराबर हैं। एक जान की बाजी लगाकर सीमा की रक्षा करता है, देश की सेवा करता है। वहीं किसान भगवान सूर्य से आशीर्वाद लेकर लोगों की भूख मिटाने के लिए पसीने की एक-एक बूंद खेतों में बहाता है।
Bhavantar Scheme: हमारा किसान सदैव मां अन्नपूर्णा के ही ध्यान में रहता
किसानों की वजह से हमारी संस्कृति की अलग ही पहचान है। किसानों की वजह से ही पुराने जमाने से लेकर आज तक हमारे धन-धान्य भरे हुए हैं। हमारा किसान यही प्रार्थना करता है कि सबके भंडार भरे हैं, सब आनंद से रहें, किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए। हमारा किसान सदैव मां अन्नपूर्णा के ही ध्यान में रहता है।
की वजह से हमारे प्रदेश की विशेष पहचान..

भगवान बलराम को हल मिलने पर ऐसा लगता है जैसे जीवन मिल गया। उन्होंने कहा कि देवास के नोट देश में प्रदेश का मान-सम्मान बढ़ाते हैं। देवास में अगर नोट न बने तो प्रगति रुक जाती है। किसानों की मेहनत से सोयाबीन, कपास, गेहूं सहित हर फसल लहलहाती है। किसानों की वजह से हमारे प्रदेश की विशेष पहचान है।
आज मध्यप्रदेश देश का सोयाबनी स्टेट बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोयाबीन उत्पादकों को लाभ हो रहा है। पिछली बार सोयाबीन की कीमत 4800 रुपये तक बिकी थी, इस बार यह 5328 रुपये पर बिकी। हमने पिछले साल ही किसानों को बोनस दिया था। किसानों को उसकी फसल का सही दाम मिलना चाहिए। इसी भाव के साथ देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में भावांतर योजना शुरू की गई।
Bhavantar Scheme: कांग्रेसियों को अक्ल दे भगवान
सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि जब हम भावांतर योजना लाए तो कांग्रेसी कहने लगे कि इस योजना को क्यों ला रहे हैं, पैसे कहां हैं, इस योजना की कोई जरूरत नहीं है, झूठ बोल रहे हो। मैं उनको कहता हूं कि तुम्हारे मुंह से जब भी निकलता है, गलत ही निकलता है। कांग्रेस ने कभी भी किसानों का भला नहीं किया। कांग्रेसी हवा में रहते हैं, मैदान में नहीं आते।
छाती पर सांप लौटने लगता है
अपनी ही दुनिया में रहते हैं। कांग्रेसी सोशल मीडिया चलाकर खुश हो जाते हैं। अपने इन्हीं कर्मों की वजह से वो 20 साल से सरकार से बाहर हैं और अगर उनके यही हाल रहे तो वो और 50 साल सत्ता से बाहर रहेंगे। उन्हें कोई नहीं पूछेगा। जब भी हम जनहित की बात करते हैं, तो पता नहीं क्यों इनके पेट में मरोड़ें आने लगती हैं। इनकी छाती पर सांप लौटने लगता है।
