8 साल तक चकमा देने वाला ‘शैतान’: 12 नाम, 5 पते और एक खूनी इतिहास

8 साल तक जो बना रहा भूत… अब उसी सड़क पर मारा गया
bareilly wanted criminal encounter: बरेली की सड़कों पर एक नाम ‘शैतान’ जैसे डर का पर्याय बन गया था। असली नाम इफ्तेखार, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में 12 अलग-अलग नाम। सात जिलों में दर्ज 19 मुकदमे।
- हत्या,
- लूट,
- डकैती,
वो सब कुछ जो किसी फिल्मी विलेन की पहचान होती है, वो इस आदमी के असली गुनाह थे।
लेकिन गुरुवार की सुबह उसकी किस्मत ने साथ छोड़ दिया।
bareilly wanted criminal encounter: मुठभेड़ की सुबह, जब मौत ने दरवाज़ा खटखटाया
सुबह 5:30 बजे, नैनीताल हाईवे के किनारे बिलवा पुल के पास स्पॉटिंग हुई। बरेली के SSP अनुराग आर्य खुद इस ऑपरेशन को लीड कर रहे थे। SOG टीम और तीन थानों की फोर्स पहले से घात लगाकर बैठी थी। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी की। लेकिन जैसे ही उसे लगा कि शिकंजा कस गया है, शैतान ने पिस्तौल निकाली और गोलियां बरसाईं।
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bareilly wanted criminal encounter: 17 राउंड फायरिंग…
एक हेड कॉन्स्टेबल घायल हुआ, लेकिन जवाबी कार्रवाई में इफ्तेखार को दो गोलियां लगीं—एक सीने में और दूसरी सिर में। जब तक उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, सब खत्म हो चुका था।
हुलिया बदलने का उस्ताद, जो हर बार कानून को छकाता रहा
उसके खिलाफ चल रहे केसों की फेहरिस्त लंबी है—
- 2006 में पुजारी की हत्या,
- 2012 में पुलिस कस्टडी से फरारी,
- 2020 में गिरफ्तारी
और एक के बाद एक वारदातें। एक ही आदमी के 12 नाम और 5 पते—कोई सोच भी नहीं सकता कि ये सब एक ही चेहरे के पीछे छुपा है।
क्या वो मानसिक रूप से शातिर था? शायद हां। क्या उसके पास मददगारों की फौज थी? मुमकिन है। लेकिन अब उसका खेल खत्म हो चुका है।
bareilly wanted criminal encounter: सोचने की बात: ये शैतान बना कैसे?
एक सवाल हमें खुद से पूछना चाहिए—कोई आदमी एक बार नहीं, बार-बार अपराध करता है, और समाज, सिस्टम, कानून सब मिलकर भी उसे 8 साल तक पकड़ नहीं पाते… तो गलती किसकी थी? इफ्तेखार को ‘शैतान’ बनाने में शायद हमारे ही सिस्टम की कुछ कमज़ोरियां थीं। लेकिन अब जब अंत हो चुका है, उम्मीद है कि उसका खौफ भी खत्म होगा।
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