CG Andhvishwas Death Case: बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र का छोटा सा गांव घुटराडीह वैसे तो हमेशा की तरह शांत रहता है।मिट्टी की गलियां, धूल उड़ाती हवा और लोग जो शाम होते ही अपने काम निपटा लेते हैं। लेकिन पिछले रविवार की शाम कुछ ऐसा हुआ, जिसे गांव वाले शायद आने वाले कई सालों तक भूल नहीं पाएंगे।
CG Andhvishwas Death Case: ये था मामला
करीब चार बजे का समय रहा होगा।55 साल की चंद्रकली नगेशिया अपनी बाड़ी में पौधों की निराई कर रही थीं जैसे हर दिन करती थीं।उन्हें शायद बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि उनका अपना ही पड़ोस आने वाले क्षणों में मौत का रूप ले लेगा।बिना किसी आवाज़ के, 30 वर्षीय सीतापति नगेशिया हाथ में टांगी लिए वहां पहुंची और ताबडतोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई
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CG Andhvishwas Death Case: चार बच्चों को खोने का दर्द
पुलिस की पूछताछ में कहानी का दूसरा हिस्सा सामने आया वह हिस्सा किसी भी मां को अंदर से तोड़ सकता है।पिछले कुछ सालों में सीतापति ने अपने चार बच्चों को खोया था बीमारी, पेट दर्द, कमजोर इलाज.हर बार उम्मीद टूटी और मौत जीत गई।एक हफ्ता पहले ही उसके तीसरे बेटे ने दम तोड़ा था। धीरे-धीरे वह यह मानने लगी कि उसके बच्चों की मौत प्राकृतिक नहीं है… कोई “करा” रहा है।
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दूसरी महिला पर भी था शक
और यह एक संयोग था कि वह बच गईहत्या के बाद सीतापति जिस दिशा में भागी, वहां एक और महिला रहती है।वह भी उसके मन में “बच्चों की मौत की वजह” बन चुकी थी। किस्मत थी की से वह महिला उस समय घर पर नहीं थी।अगर होती, तो पुलिस शायद एक मौत नहीं, दो मौतें दर्ज कर रही होती।
अंधविश्वास एक धीमा जह
गांवों में “डायन”, टोना-टोटका जैसी बातें बचपन की कहानियों की तरह नहीं कही जातीं वे आज भी इंसानों की किस्मत तय कर देती हैं।बीमारी, गरीबी, टूटे हुए मन और असुरक्षा जब साथ मिल जाते हैं, तब इंसान खुद को बचाने के लिए गलत दुश्मन चुन लेता है।
