नूपुर बोरा पर रिश्वत और संदिग्ध जमीन सौदों के आरोप!

असम सिविल सेवा (ACS) की अधिकारी नूपुर बोरा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगा है। स्पेशल विजिलेंस टीम ने गुवाहाटी स्थित उनके घर पर छापा मारा और यहां से 92 लाख रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये के जेवर बरामद किए।
जहां से करीब 10 लाख रुपये नकद मिले
इसके बाद, एक अन्य टीम ने बारपेटा में उनके किराए के घर पर भी छापा मारा, जहां से करीब 10 लाख रुपये नकद मिले। नूपुर बोरा को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
मामले की टाइमलाइन और छापे की घटनाएं
- गुवाहाटी में नूपुर के घर से 92 लाख रुपये नकद और 2 करोड़ रुपये के जेवर की बरामदगी के बाद पूरे मामले में सनसनी फैल गई।
- नूपुर के किराए के घर से 10 लाख रुपये नकद मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
- नूपुर बोरा के पास 6 साल की सिविल सेवा में शामिल होने के बावजूद इतनी बड़ी संपत्ति के होने पर सवाल उठ रहे हैं।
- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले 6 महीनों से विवादित जमीन मामलों में नूपुर पर नजर रखी जा रही थी और अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
नूपुर बोरा पर क्या आरोप हैं?
- जमीन के सौदे: नूपुर बोरा पर आरोप हैं कि उन्होंने बारपेटा रेवेन्यू सर्किल में रहते हुए पैसे के बदले हिंदुओं की जमीन को संदिग्ध व्यक्तियों के नाम पर करवा दिया।
- रिश्वत लेना: यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि उन्होंने रिश्वत लेकर जमीनों का गलत तरीके से ट्रांसफर किया।
- संपत्ति का मुआयना: छापे के दौरान मिली संपत्ति ने अधिकारियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि नूपुर के पास इतनी संपत्ति कहां से आई।

नूपुर बोरा का व्यक्तिगत बैकग्राउंड:
जन्म: 31 मार्च 1989 को कामरूप जिले के गोलाघाट में जन्मीं नूपुर बोरा का शैक्षिक जीवन गुवाहाटी यूनिवर्सिटी और कॉटन कॉलेज में हुआ था, जहां से उन्होंने इंग्लिश लिट्रेचर में ग्रेजुएशन किया।
सिविल सेवा में करियर:
नूपुर ने 2019 में असम सिविल सेवा में प्रवेश किया और कार्बी आंगलोंग में सहायक आयुक्त के पद पर काम किया। इसके बाद उन्होंने कामरूप जिले के गोरोइमारी में सर्कल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
असम के CM का बयान:
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि….
यह मामला असम के संदिग्ध भूमि सौदों से जुड़ा हुआ है, और इस संदर्भ में नूपुर बोरा को पिछले छह महीनों से नजर में रखा गया था। उन्होंने कहा
हमने सख्त कार्रवाई की है क्योंकि कई शिकायतें आई थीं, जिनमें नूपुर बोरा का नाम विवादित जमीनों के मामलों में जुड़ा था। अब हमें इस मामले में न्याय मिलेगा।
असम में भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ रही जांच
यह घटना इस बात को प्रमाणित करती है कि असम सरकार भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। नूपुर बोरा के खिलाफ इस जांच के परिणाम के बाद और भी सरकारी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
Read: कुतुबमीनार से भी बड़ा पुल: मिजोरम को दिल्ली से जोड़ने वाली पहली ट्रेन
Watch: Bhopal Anganwadi की बदहाल हालत – बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर बड़ा संकट | Nation Mirror रिपोर्ट
