उत्तर प्रदेश
माघ मेले से लौटे अविमुक्तेश्वरानंद, कहा - ऐसी स्थिति की कल्पना भी नहीं की थी
Avimukteshwaranand Magh Mela Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज के माघ मेले से लौटने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बिना स्नान किए, भारी मन से इस पावन भूमि को छोड़ना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
‘जो हुआ उसकी उम्मीद नहीं थी’
शंकराचार्य ने कहा -यह घटना न सिर्फ आत्मा को झकझोरने वाली है, बल्कि न्याय और मानवता पर भरोसे को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है। प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की भूमी रही है। श्रद्धा के साथ यहां आया था, लेकिन जो हुआ उसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी। मुझे जो कहना था, वो कह चुका हूं, लेकिन एक बात और बता दूं कि कल मुझे मेला प्रशासन की ओर से एक पत्र और भेजा गया। इसमें कहा कि मुझे पूरे सम्मान के साथ पालकी से संगम में स्नान कराया जाएगा। मुझ पर फूल भी बरसाए जाएंगे, लेकिन मैंने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया।[caption id="attachment_130919" align="alignnone" width="532"]
Avimukteshwaranand Magh Mela Controversy: 18 दिन पहले छोड़ा मेला
बता दे कि, माघ मेला 15 फरवरी तक चलेगा। अभी 2 स्नान और बाकी हैं। माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)। यानी विवाद के कारण शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला 18 दिन पहले ही छोड़ दिया। मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य का माघ मेला प्रशासन से विवाद हुआ, फिर वे बिना स्नान किए लौट गए। इसके बाद उन्होंने बसंत पंचमी के दिन भी संगम में स्नान नहीं किया था। अब उन्होंने बाकी दोनों स्नानों में भी शामिल नहीं होंगे।डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा
इधर, एक दिन पहले ही अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CM योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा- शंकराचार्य की CM पर की गई टिप्पणी से मैं आहत हूं। मुख्यमंत्री का अपमान मैं अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता। 48 साल के प्रशांत कुमार ने रिजाइन के बाद अपनी पत्नी से फोन पर बात की और फूट-फूटकर रोने लगे। कहा- जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए। https://youtube.com/shorts/x9wosdoV7y0?si=4MeptrbegRI6TIhvदिव्यांग कोटे में नौकरी
हालांकि इस्तीफे के बाद वे विवादों के घेरे में है। वजह है एक सर्टिफिकेट है। प्रशांत कुमार के भाई विश्वजीत सिंह ने उन पर पर आरोप लगाए हैं। बताया- प्रशांत कुमार को दिव्यांग कोटे में नौकरी मिली । उनका दिव्यांगता सर्टिफिकेट बिल्कुल फर्जी है। मामले में जांच चल रही है।अविमुक्तेश्वरानंद को तीनों शंकराचार्य का समर्थन, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा
Avimukteshwaranand Shankaracharya support: 9 दिनों से चल रहे प्रयागराज माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच अभी भी खींचतान जारी है। इसी बीच द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा- 3 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हैं।